बूंदों ने बरसा दिया
बूंदों ने बरसा दिया, धरती पर उपहार।पानी यूँ ही बह गया, जागो मेरे यार॥ प्यासे खेतों की सदा, सुनता नहीं
Read Moreबूंदों ने बरसा दिया, धरती पर उपहार।पानी यूँ ही बह गया, जागो मेरे यार॥ प्यासे खेतों की सदा, सुनता नहीं
Read Moreधर्म मनुष्य के जीवन में केवल पूजा-पद्धति या कर्मकांड का विषय नहीं है। वह उसकी आस्था, संस्कृति, नैतिकता, परंपरा और
Read Moreछिपे, पहने कई लिबास।बात-बात पर देश का, करते हैं उपहास॥ राष्ट्रहितों को भूलकर, करते अपना काम।शब्दों से विष घोलते, करें
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में,सपनों का संसार।पढ़ते-सीखते मुस्कुराएँ,हो ज्ञान अपार।। किताबों से दोस्ती करें,सीखें नई बात।मेहनत से ही खिल उठे,जीवन की हर
Read Moreगर्वित होकर जिंदगी, लिखे अमर अभिलेख।सौरभ ऐसी खींचिए, सुंदर जीवन रेख।। जीवन की हर राह पर, सच्चाई का साथ।मन में
Read Moreअन्न हमारे जीवन का, सबसे प्यारा दान।दाने-दाने में छिपा, किसान का अरमान॥ दादा-दादी संग चलें, आँगन में मुस्कान।दादी दाने साफ
Read Moreढली शाम ने छेड़ दी, यादों वाली तान।सूने मन के द्वार पर, लौटे बीते गान॥ पतझर आया पेड़ पर, झरते
Read Moreदक्षिण-पश्चिम हरियाणा का बड़वा गाँव अपनी हवेलियों, भित्तिचित्रों, तालाबों और लोक-स्मृतियों के कारण एक साधारण ग्रामीण बस्ती से कहीं आगे
Read Moreआज उजागर हो गई, मंदबुद्धि की सोच।देशद्रोह की बढ़ रही, मन में खूब खरोंच॥ मान नहीं राष्ट्रध्वज का, मन में
Read Moreराष्ट्रीय त्योहार किसी भी देश के लिए केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि वे नागरिक भावनाओं, सामूहिक स्मृति और राज्य
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