अनुवाद
कहो संभव है कभी कोईकर पाये अनुवाद प्रेम का? यदि असंभव यह नहीं है तोशुरू करो संवाद प्रेम का। पार्श्व
Read Moreजनकनंदिनी सीता कहलायी,उर्मिला की साधना भी गायी,पर मेरे हिस्से मौन रहामैं थी, मैं हूँ, पर कहीं न बतायी। भरत का
Read Moreजो भी दिल कहना चाहेतुम खुद ही समझ जाओ ना,ख़्वाब जो देखे इन नयनों नेअपनी आँखों में सजाओ ना। ‘बाबू–सोना–जानू–बेबी’लबों
Read Moreज़िंदगी की किताब का पहला पन्ना जब मीरा ने पलटा, तो सबसे पहले वही दो दृश्य उभर आए काली जी
Read Moreमाना की दुल्हन बन आयी तेरी मैं पिया,पर मेरे प्रियवर है भारत भी मेरा जिया,रोकूंगी कैसे तुझे सुन ओ साथियाप्रहरी
Read Moreपता नहीं, अक्टूबर माह किसकी याद दिलाता है!!आते हुए दीपावली की, झरते हुए शिवली की, और नज़दीक आती छठ पूजा
Read Moreउसे जीन्स-टॉप पसंद नहीं है,ऐसा नहीं!बस, पूरी बाँहों की कुर्ती,और एक खूबसूरत दुपट्टायही उसकी पहचान है। उसके बाल अब भी
Read Moreकुछ बातें रहती हैं याद,अनंत काल तक,शायद वे घटित ही होती हैंबस इसलिए,कि जीवन में रहेंहर पल, हर श्वास,जीवन पर्यंत।
Read Moreशरद ने कानों में आकर,कह दिया चुपके से गाकर —“पाकर मुझको निखर गई ना?सच कहो, तुम सिहर गई ना?” धवल
Read More