बस यूँ ही
क्यों हमें आप यूँ सताते हैंहम तो हर ग़म में मुस्कुराते हैं। आप ये तो बताइए हमकोभूल जाते हैं या
Read Moreपता नहीं, अक्टूबर माह किसकी याद दिलाता है!!आते हुए दीपावली की, झरते हुए शिवली की, और नज़दीक आती छठ पूजा
Read Moreउसे जीन्स-टॉप पसंद नहीं है,ऐसा नहीं!बस, पूरी बाँहों की कुर्ती,और एक खूबसूरत दुपट्टायही उसकी पहचान है। उसके बाल अब भी
Read Moreकुछ बातें रहती हैं याद,अनंत काल तक,शायद वे घटित ही होती हैंबस इसलिए,कि जीवन में रहेंहर पल, हर श्वास,जीवन पर्यंत।
Read Moreशरद ने कानों में आकर,कह दिया चुपके से गाकर —“पाकर मुझको निखर गई ना?सच कहो, तुम सिहर गई ना?” धवल
Read Moreबहुत जी करता हैजी लूँ हर वह क्षण,जब नटनागर रास रचाते थे,मधुर बंसी की तान परसंसार को मोहित कर जाते
Read Moreअसंभव जिनके शब्दकोष में कभी आया ही नहीं,छिहत्तरवें में भी जोश उनका घटा ही नहीं।सिंह-गर्जना सी दहाड़ सुन दुश्मन हो
Read Moreवाकई बड़ी विचित्र होती है माँकितनी भी तबीयत खराब रहे,भूलती नहीं जितिया का व्रत करना,मड़ुवा नोनी सतपुतिया झिंगी ओठगन,रहकर निर्जला,
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