जैसे को तैसा
महीनों की उदासी के बाद आज छोटे-से बच्चे आलोक का चेहरा प्रसन्नता के प्रकाश से आलोकित हो रहा था. वह
Read Moreमहीनों की उदासी के बाद आज छोटे-से बच्चे आलोक का चेहरा प्रसन्नता के प्रकाश से आलोकित हो रहा था. वह
Read Moreबात कोई पुरानी नहीं थी, बस कुछ ही महीने हुए थे शहर आए। एक अच्छी नौकरी, बड़ा सपना और ऊँची
Read More“दादू आप मुझे कभी जादुई संसार में नहीं ले चले, ले चलो न दादू!” छोटा-सा नितिन मचल गया.दादू ने कुछ
Read More“बोतल के ठंडे पानी से तुम्हारी तपन तो कुछ हद तक शांत हो गई, पर मेरी भयंकर तपन का क्या
Read More“सुहाना, आंटी जी किधर हैं? गांव वापिस चली गईं क्या?” सुधा जी को घर में न देख सुहाना की सहेली
Read Moreमम्मी-पापा के साथ दिवाली की खरीदारी करके हाथ में कुछ पैकेट लिये परी घर लौटी।परी ने चार-पाँच पैकेट एक-एक करके
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