बड़प्पन
रजनी जल्दी जल्दी अपना बैग संभाली और विद्यालय से बाहर निकल कर रिक्शा पर बैठ कर बोली – बस स्टैंड
Read Moreआज पुनिया पूरे सज-धज के काम पर आई थी।ऐसे तो रोज अस्त-व्यस्त सी आ जाती थी
Read Moreआज दादी माँ को पूरे एक साल बाद वृद्धाश्रम से घर लाया गया क्योंकि दादा
Read Moreघड़ा अत्यंत विकल था. कितने सुकून से मिट्टी के रूप में धरती मां की गोद में मस्त था. फिर एक
Read Moreसरकारी मकान दो मंजिले बने हुये थे जिनमें दो परिवार नीचे ऊपर रहते थे| नीचे रोहित और उसकी पत्नी और
Read More“मीत बेटा, आज मुझे बुखार है, सरदार जी के काम करने नहीं जा सकता। बेटा वो मजदूरी काट लेगा, तुम
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