कहानी – ऑटिज्म की मरीज बनाम संगीत की देवी
माता-पिता ने उसका नाम सरला रखा था. बिना किसी विशेष परेशानी के साथ बड़ी सरलता से उसका जन्म हुआ था
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Read Moreरूपा पत्रिका ले कर बैठी ही थी कि तभी कालबैल की घंटी बजी. दरवाजा खोला तो सामने उस की बचपन
Read Moreसुबह का आसमान साफ हो चुका था । तिलक महतो घुमते हुए बांध की ओर चले गए थे । बांध
Read Moreपदमपुर गाँव में एक छोटा सा घर था, जिसमें बाबूलालजी एवं उनकी पत्नी निर्मला अपने दो बच्चों के साथ रहते
Read Moreइन्स्पेक्टर के सवालों से छुटकारा मिलते ही मैने ऐसा महसूस किया जैसे मुझे काले पानी से रिहाई मिल गई हो।
Read Moreरामापुरम यूनिवर्सिटी दक्षिण भारत का एक जाना -माना यूनिवर्सिटी, जहां बच्चों की पढ़ने की होड़, आखिर हो भी क्यों ना!
Read Moreगांव के एक छोटे से घर में रामलाल और उनकी पत्नी सुमित्रा रहते थे। दोनों ने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत-मज़दू़री
Read Moreअशोक ने जैसे ही शोभा के मरने की खबर फोन पर बताई, मैं ठगी सी रह गई. मैं पति सुनील
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