संघर्ष से अब थक गया हूँ
लगता है अब चुक गया हूँ। संघर्ष से अब थक गया हूँ।। क्रोध अब आता नहीं है। गान कोई भाता
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Read Moreआया यह कैसा प्रगति का दौरहर तरफ है बस शोर ही शोरबम -बंदूकों की गड़गड़ाहट सेछाया जगत में अंधियारा घनघोरआया
Read Moreगीत गा रही वर्षारानी,आसमान शोभित है।बहुत दिनों के बाद धरा खुश,तबियत आनंदित है।। गर्मी बीती आई वर्षा,चार माह चौमासा।कभी धूप,तो
Read Moreप्रेम नहीं केवल है तुमसे, छाया तुम्हारी प्यारी है। साथ भले ही, नहीं रहो तुम, तुमसे हमारी यारी है।। वाद-विवाद
Read Moreखुद ही खुद के साथ रहेंगे नहीं किसी से प्रेम चाहिए, खुद ही खुद से प्रेम करेंगे। साथ में साथी
Read Moreमन का मौसम ठीक नहीं तो होठों पर भी गीत नहीं।अरसा हुआ हृदय के पथ से गुजरा कोई मीत नहीं।
Read Moreगर्मी निशदिन बढ़ती जाए,व्याकुल मन दिन रैन।हर पल मेरा मन घबराए, पाऊँ कहीं न चैन।। सकल सृष्टि की महिमा न्यारी,उचित
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