कदम-कदम हैं, बिछी समस्या,
समाधान तुम खुद बन जाओ मानवता जब भटक रही हो, आगे बढ़ कर पथ दिखलाओ। कदम-कदम हैं, बिछी समस्या, समाधान
Read Moreसमाधान तुम खुद बन जाओ मानवता जब भटक रही हो, आगे बढ़ कर पथ दिखलाओ। कदम-कदम हैं, बिछी समस्या, समाधान
Read Moreपीर विश्वासघात की ऐसे ।खुला आकाश, वस्त्र जर्जर हो,और अगहन की रात हो जैसे। जेठ की जलती दोपहर जैसे।महामारी का
Read Moreवह दौर पुराना बचपन का, याद आज भी आता है,छोटे घर संयुक्त परिवारों, याद आज भी आता है।गर्मी की शामों
Read Moreदाना – पानी यहीं मिले सबफिर भी नहीं सुहाए भारत। पौध यहाँ की शूल बन गईजाकर पार देश को धोखाचुभते
Read Moreमेरी हर बात को हँसी में ना उड़ाया करों,अपने ज़ज़्बात को कभी न छुपाया करो।लबों की खामोशी भी सब कुछ
Read Moreमेरे वीर जवानों के प्रभु, जीवन रक्षक बन जाना,और धधकते शोलों को तुम, हिमकण जैसा बरसाना। मातृभूमि के दीवाने ये,
Read Moreमोदी जी की दुनिया कायल हो गई।ऑपरेशन सिंदूर से फतह हो गई।।जय की विदेश नीति ने बता दिया।।सोए हुए बबा
Read Moreधरणी का श्रंगार विटप हैं, द्रुम दल मही सजाना है।भू संरक्षण करना होगा जीवन अगर बचाना है। यही महीरुह लहरा
Read Moreहे आर्य पुत्र तुमने भारत का गौरव मान बढ़ाया है।सिंदूर की ताकत क्या होती नापाको को बतलाया है। सिंदूर मिटाने
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