प्रेम गान ही गाती हो
हम चाहते हैं तुम्हें कितना, समझ नहीं तुम पाती हो। प्रेम का अर्थ तुम समझ न पाईं, प्रेम गान ही
Read Moreहम चाहते हैं तुम्हें कितना, समझ नहीं तुम पाती हो। प्रेम का अर्थ तुम समझ न पाईं, प्रेम गान ही
Read Moreप्रेम को ही है, जीवन माना। प्रेम को जीया, नहीं है जाना। हमें भले ही, हो ठुकराया, हमने सीखा, गले
Read Moreगीत गा रही वर्षारानी, आसमान शोभित है।बहुत दिनों के बाद धरा खुश, तबियत आनंदित है।। गर्मी बीती आई वर्षा, चार
Read Moreघिर आई कारी बदरिया।अब तो आजा संवरिया। गरज गरज बादल डरवावे,धड़के जियरा चैन न पावे,चमकन लागि बिजुरिया।अब तो आजा संवरियां।
Read Moreआ रहा है सावन का त्योहार, सावन का त्योहार,सखी री अपने भोले बाबा का करेंगे बढ़िया श्रृंगार। कावड़ ले जा
Read Moreहे पार्थ! उठो संग्राम करो,ये अपने नहीं, पराये हैं। गुरु चक्रव्यूह लेकर गर्वित,मित्रता -बोझ में कर्ण दबा।हैं भीष्म प्रतिज्ञा में
Read Moreतन सूखामन लगा नहानेबरस रहे आषाढ़ी बादल। साठ बरसपहले अतीत मेंपहुँच चुका है ये मेरा मन।देह उघाड़ेजाऊँ बाहरबरस रही हैं
Read Moreसुघड़, सलोनी, प्यारी – प्यारीजिसपर जाऊँ मैं बलिहारीमति को उलझाये रखती हैकहती है सुन दिल की बातेंयाद करो वह प्रीत
Read Moreचाह है केवल इतनी मेरी, तुम आगे बढ़ती जाओ। मजबूरी में साथ न आओ, कर्म करो, और पाओ।। अपनी कोई
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