तिरंगा है फहराया
फहराया ध्वज शान से, स्वतंत्रता उद्घोष। वीरों के बलिदान से, आजादी का तोष।। आजादी का तोष, जवानों के आभारी। चौकस
Read Moreफहराया ध्वज शान से, स्वतंत्रता उद्घोष। वीरों के बलिदान से, आजादी का तोष।। आजादी का तोष, जवानों के आभारी। चौकस
Read Moreचर्चे में फिर बाबरी,मचा हुआ कोहरामअब मेरे बंगाल को, तुम्हीं बचाओ रामतुम्हीं बचाओ राम,हुई ममता दीवानीसनातनी से तना तनी उतरे
Read Moreछाया मौसम ठंड का, ठिठुरे हैं अब गात। सफर कठिन लगने लगा, खिलती नहीं प्रभात।। खिलती नहीं प्रभात, ध्यान से
Read Moreसुंदर था आँगन सजा, घर-घर महके फूल। खोई माटी की महक, उडती है अब धूल।। उडती है अब धूल, बंद
Read Moreअनुभव से परिपक्वता, काम काज का ज्ञान। हटते पथ अवरोध भी, मिले जीत सम्मान।। मिले जीत सम्मान, भाग्य हो उजला
Read Moreशीत ऋतु चली आई, कलियां ले अंगडाई, मनमीता सोहनी, सृष्टि हरषाई।। अलबेली मनहर, मन मोहिनी सुंदर, रंगोली फूलों की सजी,
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