गज़ल
तुम्हारी हो गई कान्हा हृदय अनुराग जागा है।लिए मन भावना यह तो तुम्हारी ओर भागा है।। सदा चलती हुईं साँसें
Read Moreकुछ उम्मीद तो उनसे लगाकर रखिए,रात अंधेरी सही, चिराग़ तो जलाकर रखिए, दुश्मनी लाख तुम्हारे दिल में हो लेकिन,तकाज़ा ये
Read Moreआई आँधी चुनाव की तो डर गए नेता।गहरी थी नींद घबरा के उठ गए नेता।।कब तलक और आराम गाहों में
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