ज़िंदगी आजकल
मानवता नहीं है इंसान की जिंदगी में,आज़माने लगी ज़िंदगी आजकल। सम्मान देते नहीं माँ, पिता को कुछ,दिल दुखाने लगी ज़िंदगी
Read Moreमानवता नहीं है इंसान की जिंदगी में,आज़माने लगी ज़िंदगी आजकल। सम्मान देते नहीं माँ, पिता को कुछ,दिल दुखाने लगी ज़िंदगी
Read More