खुद को खोकर रिश्ते नहीं
अच्छा करके दुःख मिले, क्यों सहते हर बार।जहाँ मिले केवल व्यथा, छोड़ो वह व्यवहार॥ सच्चाई का हर घड़ी, देना नहीं
Read Moreअच्छा करके दुःख मिले, क्यों सहते हर बार।जहाँ मिले केवल व्यथा, छोड़ो वह व्यवहार॥ सच्चाई का हर घड़ी, देना नहीं
Read Moreकलम उठी तो दर्द ने, खोले अपने द्वार।मन में दबे सवाल सब, बनकर निकले प्यार॥ स्याही केवल स्याह है, भीतर
Read Moreराज़ और पहचान हमने जब से तेरे राज़ जाने,ज़िंदगी के अस्ल अक्स पहचाने।धोखे से जो बढ़ते रहे आगे,अक़्ल आई तो
Read Moreमात्र महाभारत नहीं, युद्धों का इतिहास।सलाहकार हो बुरे, करते कुल-विनाश॥ कर्ण-शकुनि की चाल ने, बढ़ाया मन में द्वेष।दुर्योधन के हठ
Read Moreपापा संग जब खेलता, नन्हा प्यारा लाल।हँसी-खुशी से भर उठे, घर का हर इक हाल॥ पापा का हाथ पकड़कर, चलता
Read Moreपापा संग जब घूमता, हँसता-हँसता लाल।उसकी प्यारी मुस्कान से, खिल उठता हर हाल॥ नन्हे-नन्हे पाँव में, सपनों की उड़ान।हँसते-गाते सीखता,
Read Moreनन्ही-नन्ही आँख में, सपनों का संसार।रंग-बिरंगे चित्र से, खिलता हर व्यवहार॥ मोबाइल पर देखता, सीख रहा पहचान।बचपन की उत्सुकता में,
Read Moreनन्हे हाथ सहारा लिए, आँखों में विश्वास।हँसकर करता हर सफ़र, मन में मधुर प्रकाश॥ कार चली तो झूमकर, पकड़ी ऊपर
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