मुक्तक
आवाज लगानी थी तो लगा दीजो बात बतानी थी वो बता दी।तुम करते रहना इंतजार अब,प्यास जगानी थी तो जगा
Read Moreबने विजेता वह सदा, ऐसा मुझे यक़ीन।आँखों में आकाश हो, पाँवों तले ज़मीन॥ तू भी पाएगा कभी, फूलों की सौगात।धुन
Read Moreखिली-खिली हो ज़िंदगी, महक उठें अरमान।आशा है नव साल की, सुखद बने पहचान॥ दर्द-दुखों का अंत हो, विपदाएँ हों दूर।कोई
Read Moreमिटे सभी की दूरियाँ, रहे न अब तकरार।नया साल जोड़े रहे, सभी दिलों के तार।। बाँट रहे शुभकामना, मंगल हो
Read More