शेर और बकरी
पीते जो एक घाट पर, शेर और बकरी पानी,बकरी खा लेती घास, शेर की जान थी जानी।भूखा रहकर कैसे रहता,
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Read Moreमन जिसका साफ रहे, रहते उच्च विचार,उस इंसान के होते हैं सपने सब साकार। राग-द्वेष से रहे जो दूर, सबकी
Read Moreचलो मृत्यु से हम करें, मिलकर दो-दो हाथ।आपस में सब दीजिए, इक दूजे का साथ।मुश्किल में मत डालिए, नाहक अपनी
Read Moreसंसद में मचता गदर, है चिंतन की बात।हँसी उड़े संविधान की, जनता पर आघात।। भाषा पर संयम नहीं, मर्यादा से
Read Moreमर्यादा मर्यादा का अब कहाँ, रखता मानव ध्यान।कारण वो तो हो गया, आज बड़ा विद्वान।देख-देख कर सभ्यता, डरी हुई आज,कलयुग
Read Moreधरम-करम का पालन करै, गीता सै उपदेश,सच माने तो हरि बसै, हरियाणा परदेश! अमन-चैन की धरती सै, वेदां का ज्ञान,मिट्टी
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