मुक्तक
बाद मुद्दतों के दिल की खिड़की पर आहट हुई,जमाने की इस भीड़ में मुझे तेरी ही चाहत हुई।ना जाने कितने
Read Moreऋतु परिवर्तन पर्व है, सूर्य चाल आधार।आहट सुनो बसंत की, खिचड़ी का त्योहार।रंग-रूप बदलाव का, अद्भुत उत्सव पर्व-भारत की पहचान
Read Moreएपस्टीन फाइल कहे, मैं वो दस्तावेज |जिसमें काले राज का,चश्मदीद हर पेज || पहने देखा भौर में,जिनको वस्त्र सफेद |उनकी
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
Read Moreविद्यार्थी श्रम अथक, करता रहें प्रयास। यत्न करें वह सकल, हो मन में विश्वास।। कोशिश जब हो सतत, सदा सार्थ
Read Moreजानते हैं बिल्ली को कुत्ते से लड़ाना,शांति के पुजारी को आतंकी बताना।धर्म और संस्कृति की बातें भुलाकर,सत्ता की खातिर, रिश्तों
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