मुक्तक
मेरे कर्तव्यों के अगणित गोले बरसाते हो।जब भी आते हो, उलाहने ही लेकर आते हो।कहने में हो निपुण किंतु सुनने
Read Moreसात जन्मों का क्या सोचनापहले जो मिला है उसको तो जी लोप्रेम सुधा रस जो बरस रहा हैउसको तुम तबीयत
Read Moreअपना छोटा-सा घरकिसी ताजमहल से कम नहीं हैउस छोटे से घर मेंजो खुली हवा हैजो आजादी का रंग हैजो खुशबू
Read Moreलोमड़ की मक्कारियाँ, भालू का अभिमान।श्वान भौंककर सोचता, जीतेगा मैदान॥ जंगल के ठेकेदार ये, करते खूब बखान।खुद के दम पर
Read More33 वर्षों की लंबी यात्रा, फिर वही सवाल, वही लाचारी,जंतर-मंतर की धरती पूछे, कब पूरी होगी आस हमारी?कभी यहाँ नारों
Read Moreआंदोलन का अर्थ है, जनहित का उत्थान।निज स्वार्थों की भीड़ से, कैसे बने महान॥ भीड़ बढ़ाने से नहीं, बदलेंगे हालात।नीयत,
Read Moreकोई कदम उठाने से पहलेहमें सच की टोह लेना होगाकिसी अफवाह को सच माननाया बातों को तोड़ मरोड़ किया गया
Read Moreमाँ के पाँचवें रूप स्कंदमाता से मिलता ज्ञान-प्रकाश,संतान-सुख, समृद्धि, शांति का मिलता शुभ आशीर्वाद।चारों दिशाओं में महिमा गूँजे, भक्ति का
Read Moreकिसने किसको क्या कहा, किसने किसको घेरा,बयानबाजी की आँधी में, ‘गुम’ हो गया है सवेरा।कभी राम के नाम वोट, कभी
Read Moreज़िंदगी में कोई काम ऐसा हो,जो आपको अच्छा न लगे, उसे छोड़ दीजिए।किसी का साथ दिल को रास न आए,तो
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