बालगीत – पंछी बन जाएँ
चलो कुछ कर जाएँ, हम पंछी बन जाएँ। नील गगन उड़ते हुए। चींव-चाँव करते हुए।
Read Moreचलो कुछ कर जाएँ, हम पंछी बन जाएँ। नील गगन उड़ते हुए। चींव-चाँव करते हुए।
Read Moreअ से अक्षर ज्ञान बना है आ से है आदर्श बना इ से इमली ई से ईख उ से उत्तम
Read Moreजिसने जग को दिया उजाला। कहलाता वह दीया निराला।। करता दूर अँधेरा सारा। भले गगन में ऊपर तारा।। जुगनू भी
Read Moreयदि मैं कोई वानर होता। पेड़ों पर मेरा घर होता।। उछल – कूद मैं करता दिन भर, भीग मेह में
Read Moreआओ बच्चो तुम्हें घुमाएं किताबों के शहर में। शब्द फूल बन के महके खिले हुए गुलजार में। ज्ञानवर्धक बातें मिलेंगी
Read More