व्यंग्य – जूतों की शान
एक ऐसी वस्तु का नाम बताइए जो खाने के भी काम आती है और पहनने के भी? चकरा गए? मैं
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Read Moreयह तो खुशी की बात हुई कि एक रईस के मासूम बेटे ‘आर्यन’ को जमानत मिल गई! इस ख़बर से
Read Moreइधर एक सप्ताह से अधिक समय हो गया ,ब्रह्मलोक में देव ऋषि नारद जी का पदार्पण नहीं हुआ था।यह विचार
Read Moreकवि श्री प्रशांत चौधरी की कलम से दर्द देखिए लालू के लाल का, यथा- “तुम पिज्जा खाकर पली बढ़ी, मैं
Read Moreगांव के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा था। किसी मामले को लेकर रात के बारह बजे पंचायत बैठी
Read Moreगाँधी के तीनों बन्दर लम्बे समय से एक ही स्थिति में रहते हुए बहुत परेशान हो गये थे। एक दिन
Read Moreआप अपनी जानें ,हम तो अपनी बात कहते हैं।कहें भी क्यों नहीं ,आज के जमाने के जुल्म जो सहते हैं।अब
Read Moreट्रिंग.. ट्रिंग… हैलो जी, आप कौन? मैंनें फोन रिसीव करके पूछा मैं रावण बोल रहा हूँ। उधर से आवाज आई….।
Read Moreजनाब ये बढ़ता हुआ भारत है जहां खाद्य तेल 200 डीजल पेट्रोल 110 और रसोई गैस1000 न हो तो भारत
Read Moreदो अक्टूबर के दिन सुबह से ही दिमाग पर गांधी जी सवार थे! सुबह उठने पर यही सोचा था कि
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