दादा जी का पोता
पोता प्यारा दादा जी का,बैठे उनके पास।दिनभर उनसे बातें करता,हँसता बारह मास। दादा जी जब बाहर जाते,पीछे-पीछे जाता।छोटी-छोटी प्यारी बातें,सबको
Read Moreपोता प्यारा दादा जी का,बैठे उनके पास।दिनभर उनसे बातें करता,हँसता बारह मास। दादा जी जब बाहर जाते,पीछे-पीछे जाता।छोटी-छोटी प्यारी बातें,सबको
Read Moreएक समय था जब भारतीय घरों, आँगनों, चौपालों और खेतों में लकड़ी की खाट जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करती
Read Moreआखिर बेटियों को मौत क्यों?क्यों हर दिन किसी दिशा शर्मा की चिता जलती है?क्यों किसी माँ की गोद सूनी होती
Read Moreमानव सभ्यता एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुकी है जहां कृत्रिम मेधा केवल तकनीकी उपकरण नहीं रह गई, बल्कि
Read Moreजब सूर्यरोहिणी नक्षत्र के प्रखर द्वार परअपने अग्नि-चरण रखता है,धरती की देह परताप का एक अदृश्य शास्त्र लिखना आरम्भ हो
Read Moreप्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो
Read Moreबेटियों के जल्लादों का हिसाब कब होगा,ये सोई हुई व्यवस्था का जवाब कब होगा।हर रोज़ कहीं मासूमियत कुचली जाती है,इंसाफ़
Read Moreदेख सिकरी आगरा, ‘सौरभ’ है हैरान।खाली है दरबार सब, महल पड़े वीरान।। कल जिनके आदेश पर, झुकता था संसार,आज हवा
Read More