ग़ज़ल – वक़्त के रहते रहते
बदल दी हमने राह अपनी वक़्त के रहते रहते,उतार दी ज़ंजीरें-रिश्तों की वक़्त के रहते रहते।थक गए थे हम चिराग-ए-आरज़ू
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Read Moreहमारे शास्त्रों में आठ चिरंजीवी बताए हैं-अश्वत्थामा बलिरव्यासहनुमश्च विभीषण:।कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविन:॥’परशुराम, अश्वत्थामा, हनुमान, राजा बलि, वेद व्यास, विभीषण, कृपाचार्य
Read Moreआदिकाल से वेदों की उत्पत्ति के पश्चात पुराणों व उपनिषदों में वेदों का सार समझाने के लिए छोटे छोटे संदर्भों
Read Moreपेट्रोलों के बढ़ गए, देखो फिर अब भाव।महँगाई की मार से, डगमग सबकी नाव।। ट्रैक्टर, बस, ट्रक सभी, माँग रहे
Read Moreपिछले कुछ समय से देश के शहरों और गांवों में एक चिंता लगातार सुनाई दे रही है—पेट्रोल और डीज़ल की
Read Moreटूटी नींदों और अधूरी मुस्कानों के बीच पलता सच आज अभिभावकों की कठोर हकीकत बन चुका है। जब समाज अभिभावकों की
Read Moreएक सहेली ने अपनी सहेली की सुंदरता की तारीफ की तो वह खुद अपनी सुंदरता की बगीचा ही लगा दिया।
Read Moreभारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में गुरिंदरवीर सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। उन्होंने 100 मीटर दौड़
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreजब नवाचार की रोशनी विनाश की छाया में बदलने लगे, तब खतरा केवल एक धमाके का नहीं, बल्कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था की
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