Category : कथा साहित्य

  • संघर्ष अभी बाकी है

    संघर्ष अभी बाकी है

    रामपुर गाँव में आज उत्सव का माहौल था । सभी ग्रामवासियों के चेहरे खिले हुए थे और दिलों में नई उमंग और उम्मीद ने दस्तक दे दी थी । होती भी क्यों नहीं ? रामू लोहार...

  • उलझन

    उलझन

    शिखा नई नई फेसबुक ज्वॉइन की थी ! सभी फेसबुक फ्रेंड्स की तस्वीरों पर हजारों की संख्या में लाइक्स कमेंट्स देखकर उसे भी इच्छा होती थी कि वो भी अपनी अच्छी अच्छी तस्वीरें डाले! अभी वह...

  • कहानी – टापू वाला गांव

    कहानी – टापू वाला गांव

    इस साल की बरसात पता नहीं अब क्या-क्या जुल्म ढाएगी। सीत्तू व ठुनिया अपने मचान के बाहर बड़ी मुश्किल से कुछ देर नदी को रोकने के साहस से बनी झील के फैलते प्रचंड रूप को देख...

  • प्रेरणा

    प्रेरणा

    ”मैम, आज भी मेरी कहानी आपको पसंद नहीं आई?” ऋतु मल्लिक के स्वर में तनिक हताशा थी. ”ऋतु, निराश होने की बात नहीं है, एक बार श्रेष्ठ सृजन करना आ गया, तो फिर कोई परेशानी महीं...

  • कुछ नहीं

    कुछ नहीं

    खाना खाने के लिए मेरी अपनी अकेले की जगह है और वोह है किचन टेबल के साथ। यहाँ मेरे लिए एक डिसेबल चेअर है। यों तो घर में कहीं भी बैठ कर खा लेता हूँ लेकिन मेरी आसानी...

  • चार्जिंग

    चार्जिंग

    उसकी अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही थी. सभी भावभीनी विदाई दे रहे थे, पर आंटी का कलेजा मुंहं को आ रहा था. काश! उसने उसकी बात सुन-मान ली होती! आंटी ने कितना समझाया था- ”बेटा,...


  • मृगतृष्णा

    मृगतृष्णा

    बहुत प्यारी सी सहेली थी वो मेरी। वक़्त के साथ दोनों अपनी अपनी दुनिया में चले गए पर बचपन की बहुत सी यादें लेकर हमारी दोस्ती का पेड़ अब भी लहलहा रहा था।  अचानक उसके फ़ोन...

  • पूर्वाग्रह

    पूर्वाग्रह

    तबादले के बाद पतिदेव मुझे मुम्बई शिफ्ट करके चार महीने की ट्रेनिंग पर ऑस्ट्रेलिया चले गए।  नई जगह थी तो लोगों से जान पहचान भी नहीं थी।एक दिन डोर बेल बजी, बिलकुल छोटे छोटे कपड़ों में,...

  • दशा

    दशा

    वह आनंदित मन से मोटर साइकिल चलाता हुआ जा रहा था कि ठीक आगे चल रही सिटी बस से धुंआ निकला और उसके चेहरे से टकराया, वह उत्तेजित होकर चिल्लाया, “ओये! ये गंदगी क्यों फैला रहे...