Category : कथा साहित्य

  • शिकायत !

    शिकायत !

    अभय माँ की रोज़- रोज़ की डांट से तंग आ चुका था। सुबह ही अभय ने फैसला किया कि वो आज नानी के घर चला जाएगा रहने, वो भी  माँ को बिना बताए। अभय की हरकतों...


  • असमंजस

    असमंजस

    नीलिमा बड़े असमंजस में थी, कि वह पहले नीले-नीले जल की उफनती लहरों से जूझे या नीले-नीले अंबर से नोचने को तत्पर गिद्धों-कौवों से. बिन मां की बच्ची नीलिमा को पल-पल चाची की झिड़कियां जल की...

  • “हरियाली”

    “हरियाली”

    मधुमास में मनहरण सरसो के पीले फूल मन को लुभा गए, भौंरे भी खूब उड़े, कई रंगों वाली तितलियाँ भी बच्चों का मन ललचा कर, फसलों में फली लगते ही न जाने कहाँ छुप गई। जब...

  • इंसान का बच्चा

    इंसान का बच्चा

    चश्मा माथे पर चढ़ाए वह थुलथुल काया विदेशी नस्ल के पामेरियन प्रजाति के पिल्ले को अपनी गोद में लिए हुए बड़ी अदा से अपनी वातानुकूलित कार से बाहर निकली । पिल्ले के बालों को सहलाकर उसे...

  • पदक की खेती

    पदक की खेती

    पिता किसान हों और खेती करते हों, तो स्वभावतः उनकी इच्छा होती है, कि बेटा भी खेती करे. हरियाणा के शादीपुर गांव के किसान बिजेंदर ने जब अपने बेटे दीपक को फावड़ा चलाते देखा तो उन्हें...

  • लघुकथा – फर्क़

    लघुकथा – फर्क़

    ” मेरे लिए एक अच्छा-सा लेडीज सूट दिखाओ ” लड़के ने दुकान में पहुंचकर कहा ! ” जी साब, दिखाता हूं ! दुकानदार ने स्मार्टनेस दिखाई ! कुछ देर बात वह  लड़का  अपने घर पहुंचा, और एकांत का...

  • लकड़ी का गट्ठर

    लकड़ी का गट्ठर

    लकड़ी का गट्ठर किसी को सफलता के शिखर पर पहुंचा सकता है और उसको कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जितवा सकता है, इस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल है. खुद कॉमनवेल्थ खेलों की स्वर्ण पदक विजेता...

  • सलाम साहब

    सलाम साहब

    खाकी वर्दी पहने, हाथ में बैटन लिए छह साल के ईशान जब रचाकोंडा पुलिस आयुक्त के ऑफिस पहुंचे, तो उनका औपचारिक स्वागत हुआ. सबने सलाम साहब कहा, ईशान ने भी बैटन उठाकर और सलामी देते हुए...

  • रिश्तों की नाकामयाबी

    रिश्तों की नाकामयाबी

    लता बहुत उत्साहित क्योंकि आज उसकी बेटी रूपल पगफेरे के लिए आने वाली | ससुराल में बहुत व्यस्त कार्यकृम था | परसों शाश्वत के साथ वो हनीमून पर जाने वाली थी |उसकी तैयारी भी करनी थी...