Category : कथा साहित्य

  • पाप

    पाप

    “अरे मुझे तो कल बिट्टू ने दिखाया कि देखो माँ होनेवाली भाभी की कॉलेज ट्रिप की फोटो फेसबुकपर, उसमें देखा मैंने किसी लड़के के साथ नाच रही थी, ना बाबा मुझे नहीं मंजूर” “ओह्हो जीजी, अब...

  • अंजू भाग 4

    अंजू भाग 4

    भगवान दास और सुषमा की आंखों से नींद कोसों दूर थी। नींद आती भी तो कैसे? इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद किसी माता,पिता की आंखों में नींद अपना डेरा कैसे डाल सकती है। वह...

  • पहला प्यार

    पहला प्यार

     बारिश और पहला प्यार अपने आप में अलग अहसास लाता है। यूँ तो बारिश हर साल होती है, पर ये खास जब बन जाती है, जब आप को किसी से प्यार हो जाये। कहते है हम अपना...

  • विकल्प

    विकल्प

    उस दिन बेटे की शादी की खरीददारी से वापस आई तो देखा बरामदे में गौरैया का घोंसला पड़ा हुआ था। पशु-पक्षी प्रेम के चलते उसे घर ले आई। चोंच फैलाये चीं चीं करते दोनों बच्चे माँ...

  • अंजू – भाग 3

    अंजू – भाग 3

    भगवान दास तथा उनकी पत्नी सुषमा दोनों धर्मेंद्र के लिए इंतजार कर रहे थे, खाने के टेबल पर। धर्मेंद्र को घर पहुंचने में थोड़ी देर हुई तो माता-पिता चिंतित थे। उसके पहुंचते ही पिता ने एकदम...

  • प्रार्थना

    प्रार्थना

    आज मंगरू को खुद अपने पर प्रसन्नता हो रही थी या अपनी प्रार्थना की सफलता पर, वह समझ नहीं पा रहा था, फिर भी वह मन-ही-मन बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रहा था, जिसने उसकी...

  • विवेक

    विवेक

    आज उसका नया नामकरण हुआ था. उसका नाम रखा गया था- विवेक. इसी उपलक्ष में आज उसको छुट्टी मनाने की छूट भी मिली थी. 25 साल में पहली छुट्टी. इससे पहले उसे पता नहीं था कि...

  • अंजू – भाग 2

    अंजू – भाग 2

    घर जाकर अंजू पढ़ने का बहाना बनाकर एक किताब लेकर चुपचाप एक कोने में बैठ गई। वह मन ही मन सोचने लगी..” यह कैसा एहसास है? यह मुझे क्या हो गया? मुझे ऐसा क्यों लग रहा...

  • ”अभिशप्त कौन?”

    ”अभिशप्त कौन?”

    रूपेश को आज अपनी नई कहानी के लिए शीर्षक ”अभिशप्त कौन?” मिल गया था और प्रस्तुति की संकल्पना भी. स्मृति के वातायन से शीतल हवा का झोंका उसे सहला रहा था. उसकी स्मृति का वातायन उसके...