Category : कथा साहित्य

  • लघुकथा –सम्मोहन

    लघुकथा –सम्मोहन

    हर्ष और मीता विवाह के बाद हनीमून पर घूमने अपनी कार में शिमला जा रहे थे| दोनों बहुत खुश मुड में गुनगुनाते और मुस्कराते जा  रहे थे| हर्ष को जम्हाई सी आने लगी बोला, “कुछ खा...

  • हिम्मत का दामन

    हिम्मत का दामन

    बहुत हिम्मत का काम था वह, जो हेमा ने संभव कर दिखाया. आज उसके पति भी प्रीतम भी रिकवर कर रहे हैं और खुद हेमा भी. मुश्किल समय अब भी है, लेकिन हेमा के मुख पर...

  • “सम्मोहन”

    “सम्मोहन”

    सरंचना पुस्तक पढ़ने में मैं व्यस्त थी कि मोबाइल टुनटुनाया “हेल्लो” “क्या आप पटना से विभा जी बोल रही हैं…?” “जी हाँ! आप कौन और कहाँ से बोल रही हैं… ? क्यों कि यह नम्बर अनजाना...

  • नयी पहल

    नयी पहल

    रजुआ के बाऊजी बी.ए के फारम कहिया मिलेला। का करब फारम का, दिमाग सठिया गइल का। बाऊजी के समझ से परे था अशिक्षित पत्नी बी.ए के फार्म की बात उस वक्त क्यों कर रही है जब...

  • आ जाओ एक बार

    आ जाओ एक बार

    “कहाँ हो रोहित, क्यों मुझे अकेलापन का दंश दे गये। तलाक के कागज पर ठप्पे लगने मात्र से ही क्या हमारे दिल के रास्ते अलग हो गये। क्यों तुमने अपनी जिंदगी से मुझे बाहर निकाल फेंका?...

  • नया मुहावरा

    नया मुहावरा

    बचपन से ही ”आसमान से गिरे, खजूर में अटके” मुहावरा सुना था. यह मुहावरा कैसे बना, लेकिन वर्तमान में शायद एक नया मुहावरा ईजाद हो गया. आज कुदरत का कुछ अलग ही करिश्मा भी देखने को मिला....

  • फैसला

    फैसला

    यूं तो सुखिया के पास उसके नाम के सामान ही सब कुछ हासिल था । घर में मां पत्नी दो बेटे एक सुंदर सी कन्या सोनाक्षी, 2 जोड़ी बैल कुछ बीघा जमीन सर पर अपनी मेहनत...

  • हम किसी से कम नहीं

    हम किसी से कम नहीं

    ”बांका डीएम कुंदन कुमार ने महिलाओं के प्रयास की प्रशंसा की”- यह समाचार पढ़ते ही रेखा के जेहन में कुछ दिन पहले की घटनाएं हलचल मचा रही थीं. ”हमारा गांव ब्लॉक मुख्यालय से मात्र ढाई किलोमीटर...

  • लव यू पापा

    लव यू पापा

    “पापा..प्लीज साइन कर दो न फॉर्म पर..” नीति लगभग रुआंसी सी बोली। “कहा न..विदेश से पढ़ाई की अनुमति नहीं दे सकता बेटा..जमाना देख रही हो न?” पापा की बात सुनकर नीति औंधे मुंह अपने पलंग पर...

  • विवशता

    विवशता

    विश्व पर्यावरण दिवस पर हर गली-मुहल्ले में सम्मेलन करने का आदेश ऊपर से आया हुआ था. सभी छुटभैये नेताओं को भी अपने क्षेत्र में सम्मेलन आयोजित करने का अवसर मिल गया था. नेताजी ने सम्मेलन में...