Category : मुक्तक/दोहा

  • मुक्तक

    मुक्तक

    कभी न झुकनेवाले करो वक्त का एहसास दर्प दिखाने वाले का हो हो जाता विनाश वक्त की आँधी में बड़े वृक्ष उजड़ जाते हैं वक्त को समझनेवाली नहीं उजड़ती घास — खुशियाँ सबको बाँटूं गम ले...

  • कुछ मुक्तक

    कुछ मुक्तक

      प्यार के मीठे बोल जरा बोल दो मेरे कानों में अमृत जरा घोल दो जिन्दगी का है मेरे ठिकाना नहीं बंद होठों को अपने जरा खोल लव को खोलो जरा मुस्कुराओ जरा मेरी ग़ज़लों को...

  • ऐ कर्मवीर

    ऐ कर्मवीर

    ज्यादा सोने की आदत मत डाल ऐ कर्मवीर वरना नींद के साथ-साथ सो जायेगी तकदीर सो गयी तकदीर तो तेरी निंदे भी नोच लेगी उजाला में भी चारो ओर दिखेगा तिमिर -दीपिका


  • राज मुक्तक   सुधा

    राज मुक्तक सुधा

    गीत बनकर सखी मै निभाती रही/ प्रीति मे सज सदा दिल सजाती रही/ रीति दुनिया मज़ा बन लुभाती शमा/ शाम ढलती रही मन रिझाती रही/ ======================================== दीप की लड़ियों संग जगमगाते रहें आप/ प्रेम की वादियों...


  • खुशी इतनी मिली

    खुशी इतनी मिली

    खुशी इतनी मिली आँचल में समेट न पाऊं आकाश में उड़ूं या दरिया में घर बनाऊं हार गया नशीब हुई है विश्वास की जीत जमीं पर कदम न रुकते किस दुनिया में जाऊं ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ तय कर...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    बसुधैव कुटूम्बकम का पहले पढ़ाते थे पाठ आज अपने परिवार से ही बनती नहीं है बात अपने स्वार्थ में हम इस कदर पागल गये हैं आज दिल ने जिगर का छोड़ दिया है साथ


  • मुक्तक

    मुक्तक

    अजब की महक है यारा तेरा विश्वास करना भी गजब की चहक है यारा मेरा अहसास करना भी नज़र मे क्या शराफ़त है गुले गुलजार बनकर के, सफ़र रौनक बताती है दिले परिहास करना भी क़लम...