Category : हाइकु/सेदोका

  • हाइकु

    हाइकु

    हाइकु ——————— एक ओंकार ब्रम्हांड का आधार निर्मल धार ————— अनंत नाद होती गुंजायमान शब्द लहरी ————— चेतना शून्य मृतक के समान हुआ निष्प्राण —————– नापी न जाए शून्य की गहराई बहुत बड़ी —————– रमा प्रवीर...


  • होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु 01ः- खेलते रंग विश्वास घात का अनोखा ढंग। 02ः- चतुराई से होलिका है जलती न प्रहृलाद। 03ः- होली के रंग अपनत्व के साथ रंग न भंग। 04ः- गुलाबी रंग गालों पर मलते दाग...



  • चुनावी हाइकु

    चुनावी हाइकु

    चुनावी हाइकु 01 – इस चुनाव आदमी तो आदमी गधे भी खुश । 02 – अपने साथ अपनों को गिराया इस चुनाव। 03 – स्वार्थ उनका हम सब पिसते हर चुनाव। 04 – पाक है साफ...



  • हायकू विधा = सत्रह वर्ण

    हायकू विधा = सत्रह वर्ण

    सत्रह वर्ण जापान का साहित्य हायकू विधा । =============== तीन पंक्तियाँ पाँच सात औ पाँच पूरित भाव । ================= भाव बसंती भारतीय त्रिवेणी गंगा जमुनी । शुभप्रभात मित्र अभिनन्दन माथे चंदन । डमरू ज्ञान पिरामिड त्रिवेणी...

  • हाइकु

    हाइकु

    हाइकु ••••••• निला गगन बना है प्रतिबिंब जल में फैला॥ • मनभावन सुहावन है दृश्य छटा निराली॥ • बसा शहर नदी के तट पर हैं आनंदित॥ • खड़ी है नाव शहर के पास में नदी किनारे॥...