हाइकु/सेदोका

हाइकु

मेरा भी मन घरौंदा हो अपना, अपनों संग। घरौंदा बने हरेक का सपना, काश!पूरा हो। बच्चें भी चाहें छोटा ही सही पर, अपना तो हो। पेट न भरे घरौंदा बने कैसे? सपना भर। बाढ़ आकर सपनों का घरौंदा , उजाड़ गई। उम्मीद कहाँ अपने भी छत का, किरायदार। सपना घर बना रहें हैं रोज, इसी […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

धर्म अधर्म विचार तो कीजिये, आगे बढ़िए। ^^^^^^^^^^^ धर्म बेधर्म मत करिए भाई संयम रखें ^^^^^^^^^^^^^ धर्मानुरागी प्रेरक व्यक्तिव सदविचारी ^^^^^^^^^^^^^^^ धर्म का अंधा अंधानुकरण नहीं विचार करो। ^^^^^^^^^^^^^^^^^ अधर्मियों का गलत मार्ग होगा बच के रहो। ^^^^^^^^^^^^^^^^^ अधर्मी कभी सत्य के पथ पर आ सकता है ^^^^^^^^^^^^^^^^ धर्म को चोखा धंधा न बनाइये रहने […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

सुनहरा हो जीवन हर पल, सभी चाहते। ********** सब चाहते जीवन सुनहरा, हो हर पल। ********* जन जन की सुनहरे पलों की, ही चाहत है। ********* डर सबका ये सुनहरे पल, कब खो जायें। *********** विश्वास नहीं ये सुनहरा पल, चला भी गया। ************ भरोसा मुझे मेरा भी सुनहरा पल आयेगा। ********** खुशी मनाओ सुनहरे […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

माँ की ममता धरोहर बना ले, खुश रहेगा। ********* कठिनाइयाँ जीवन का दर्शन, साथ रहेंगी। ********* जीवनपथ सच्चाई से चल, प्रसन्न रह। ******** आक्रोश तेरा विनाश का कारण, अभी संभल। *********** ✍सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

हिन्दी तेरी दुर्दशा देखता हूँ, बस रोता हू्ँ। ———— भाषण होता हिंदी विषय पर, अंग्रेजी बोल। ————- कौन सुनेगा हिन्दी की पीड़ा थोड़ा, सब चुप हैं। ———— दुर्दशा मेरी देखकर भी मौन सब, कुछ तो करो —————— असहाय सी हिन्दी बेचारी क्यों? उपेक्षा पाती। ——————— ©सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

व्यक्तिव खोता जा रहा मेरा, क्या करूं मैं? +++++++++ सजा से अब कोई नहीं डरता, किसका डर? ++++++++++ गलती करे सजा मिल जाये तो, डर भी लगे। +++++++++++ जो हुआ हुआ अफसोस न कर, आगे तो बढ़। +++++++++++ अहसास हो समाज दे तो सही, भूख,पेट की +++++++++++ कभी दिल में मलाल मत लाना, भगवान देखता […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

सुख दुःख तो आते जाते रहेंगे, फिक्र न कर। +++++++ दु:ख आया है पहाड़ बनकर, जाने के लिए। ++++++++ सुख दु:ख तो स्थाई भाव नहीं, चला ही जाता। +++++++++ सब कहते सुख दु:ख जीवन, सत्य वचन। +++++++++ सुख आया है चला भी तो जायेगा, आने के लिए +++++++++ @सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

सुख दुःख तो आते जाते रहेंगे, फिक्र न कर। +++++++ दु:ख आया है पहाड़ बनकर, जाने के लिए। ++++++++ सुख दु:ख तो स्थाई भाव नहीं, चला ही जाता। +++++++++ सब कहते सुख दु:ख जीवन, सत्य वचन। +++++++++ सुख आया है चला भी तो जायेगा, आने के लिए +++++++++ @सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

राफेल आया पाकिस्तान में जैसे, भूकंप आया। ************ विद्रोही स्वर घातक बन जाते, सहना सीखो। ************ भूमि पूजन उल्लास का पल, हर्षित सब। ************ बड़ो का पाप बच्चे भुगतेंगे ही, बचिए जरा। ************ हमारे कर्म हमारे लिए ही हैं, सोचना कैसा? ************** 🖋सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

चाल चरित्र बेमेल सा हो गया, विचार कर। ======= बेमानी रिश्ता कब तक निभेगा, दम तोड़ेगा। ======= रिश्तों का भाव संवेदना विहीन शेष क्या बचा? ======= माफ करना और भूलते जाना, ध्येय बनाना। ======= बाप बेटी का अनमोल सा रिश्ता, अनुबंधन। ======= ✍सुधीर श्रीवास्तव