हाइकु/सेदोका

हाइकु

शिक्षक देता सदा हमको ज्ञान धन्य है वो। +++ जीवनधारा प्रवाहित करता शिक्षक शिक्षा। +++ नि.स्वार्थ पथ सतत चलता है शिष्य के लिए। +++ पूजो शिक्षक जीवन हो स्वच्छ निश्चिंत बन। +++ शिक्षा संस्कार शिक्षक दे सकता भरोसा तो हो। +++ शिक्षक ,गुरू भगवान सरीखे झुका लो सिर। +++ जीवन पथ प्रदर्शित करते शिक्षक ,गुरू।

हाइकु/सेदोका

ताँका छँद

सृजक आज क्या सृजन करता कैसे समझें बेसिर पैर बातें बस पन्ने रंगता। *** घोर निराशा मन में व्याप्त है आखिर कैसा समय आ गया है आज के समाज में। *** परिवर्तन होकर ही रहेगा संतोष रखो बस कर्म अपना अनवरत करो

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

प्यारी नदियाँ

प्यारी नदियाँ ******* 1. नद से मिली भोरे-भोरे किरणें छटा निराली। 2. गंगा पवित्र नहीं होती अपवित्र भले हो मैली। 3. नदी की सीख – हर क्षण बहना नहीं थकना। 4. राजा या रंक सबके अवशेष नदी का अंक। 5. सदा हरती गंगा पापहरणी जग के पाप। 6. नदी का धैर्य उसकी विशालता, देती है […]

हाइकु/सेदोका

बादल

1. ये बादल तो     प्रकृति का सौगात     जीवन कूल 2. बादल है या     इश्क़ की पेचीदगी     मन व्याकुल 3. बादल है या     बारिशों का समुंद्र     सावन झूमे 4. जब छाये ये     तब मालूम होता     इश्क़े उन्माद 5. छंट जाये […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु

निशाना साधे खड़े बिजूखा पर निशानेबाज === करता रक्षा बिजूखा खड़ा मर्द खेत पक्षी से === रात अंधेरी खड़ा बिजूखा खेत मालिक लगे/ चोर को भ्रम === खड़ा बिजूखा फसल चोर डरे चोरी करते === खड़ा बिजूखा भ्रम पाले बटोही मनहरखे == खड़ा बिजूखा करता रखवाली खेत फसल — गीता पुरोहित

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

पखेरू (8 हाइकु) 

1. नील गगन पुकारता रहता – पाखी, तू आ जा!   2. उड़ती फिरूँ हवाओं संग झूमूँ बन पखेरू।   3. कतरे पंख पर नहीं हारूँगी, फिर उडूँगी।   4. चकोर बोली – चन्दा छूकर आएँ चलो बहिन।   5. मन चाहता, स्वतंत्र हो जीवन मुट्ठी में विश्व।   6. उड़ना चाहे विस्तृत गगन में […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु-आग

बरसे आग ऐसा लगता जैसे जला ही देगी। ***** कब बुझेगी भूखे पेट की आग राम ही जानें। ***** अग्नि देवता काम आते चूल्हे के रोटी पकती। ***** बिना विचारे उपयोग करना हाथ मलना। ***** मृगतृष्णा सी धधक रही ज्वाला झुलसे तन। *****

हाइकु/सेदोका

हाइकु-भाई

भाई भाई में प्रेमभाव कितना बच्चे बताते। ***** भाई का भाई पर, विश्वास बने समृद्धि बढ़े ***** बैर बढ़ता आज भाई भाई में एकता कहाँ। ***** विचार करो भाई तो अब भी है भेद कैसा। ***** ये कैसा प्रेम भाई भाई का शत्रु कैसे ये भाई। ***** समय चक्र भाई सबसे दूर भाई दुश्मन। ***** […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु-शिक्षा

आज की शिक्षा औपचारिक बनी संस्कार नहीं। ***** आधुनिकता हावी होती जा रही ये कैसी शिक्षा। ***** संस्कार बिन व्यर्थ हो रही शिक्षा खतरनाक। ***** शिक्षा समृद्धि तभी बात बनेगी जरूरत है। ***** रोजगार भी जब दे सके शिक्षा तभी औचित्य। ***** शिक्षा संयम संस्कार, रोजगार तब सफल। ***** नैतिक शिक्षा आज की जरूरत सबको […]