पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

झील (झील पर 30 हाइकु) 

1. अद्भुत छटा आत्ममुग्ध है झील ख़ुद में लीन। 2. ता-ता थइया थिरकती झील वो अलबेली। 3. अनवरत हुड़दंग मचाती नाचती झील। 4. आसमाँ फेंके झील बेचारी हाँफे धरती लोके। 5. कोई न साथी दुःख किससे बाँटे एकाकी झील। 6. पीती रहती बड़ी प्यासी है झील अपना नीर। 7. रोज़ बुलाती स्वप्न सुन्दरी झी ल […]

हाइकु/सेदोका

शायर

तमाम बुरे हालातों में मैं कभी झुका नहीं अपनी मंजिल के रास्ते पर हूं कभी रुका नहीं दिल की महफिल अभी भी आबाद रखता हूं मैं वो शायर हूं जो कभी कहीं लूटा नहीं

हाइकु/सेदोका

बसंत पर हाइकू

बसंत ऋतु आयी मनभाई रे बहे पवन माँ वीणापाणि की करती प्रार्थना मन मानस माते शारदे करती हूं वन्दना हाथ जोड़ के नव पल्लव मन कुसुमित है आम्र बौराये आया बसंत पीत वसनी धरा सुमन खिले — डॉ मीरा त्रिपाठी पांडेय

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

पांच बासन्ती हाइकु

01 – फागुन आया खिलखिलाहट से मौसम भाया।12/02/2021 02 :- कहीं सरसों ठुमकती अलसी बसन्त आया। 03 :- है सीना जोरी रंग रंग के फूलों में फागुन होरी। 04 – गेहूं  है फूला अलसी मटकती चना मुस्काया। 05 :- बगीचे खिले मलयानिल हवा हृदय मिले।

हाइकु/सेदोका

तांका – मूल्य…

१. काश ! नेता भी     देश विकास मूल्य     समझ जाते     लोग इस तरह     शून्यता में ना होते २. जिंदा में नहीं     प्रतिमा कोई मूल्य     आदमीयत     ‘वो कितने अच्छे थे’     मरने पे मालूम — मनोज शाह ‘मानस’  

हाइकु/सेदोका

रोटी या भगवान !

मैं प्रतिदिन चार हिंदी समाचार पत्र खरीदता हूँ और मेरे यहाँ के रेलवे एएच डब्ल्यू में उपलब्ध सभी हिंदी पत्रिकाओं को खरीदता हूँ। ×××× हिंदी फिल्मों के हीरो जैकी श्रॉफ उर्फ जैकी दादा के जन्मदिवस पर शुभमंगलकामनाएँ ! ×××× अब 13 शेष है, प्रेम की तेरहवीं करने को आतुर 14 फरवरी उर्फ प्रेम दिवस उर्फ […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु

कर दो दान है मकर संक्रांति मिटती भ्रांति।।-1 लो बधाई खिचड़ी खवाई शादी सवाई।।-2 तिल पापड़ी गर्म आग तापनी गुड़ के लड्डू।।-3 मधुर ख्वाब बसंत की सुमारी फूलों से यारी।।-4 हिन्दू त्यौहार सु स्नेह की बौछार श्रद्धा अपार।।-5 — महातम मिश्र ‘गौतम’ गोरखपुरी

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

आकुल (माहिया)

1. जीवन जब आकुल है राह नहीं दिखती मन होता व्याकुल है। 2. हर बाट छलावा है चलना ही होगा पग-पग पर लावा है। 3. रूठे मेरे सपने अब कैसे जीना भूले मेरे अपने। 4. जो दूर गए मुझसे सुध ना ली मेरी क्या पीर कहूँ उनसे। 5. जीवन एक झमेला सब कुछ उलझा है यह […]

हाइकु/सेदोका

हाइबन- हूलोक गिबन 

हाइबन- हूलोक गिबन  अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्य में पाया जाने वाला 6 से 9 किलोग्राम वजनी वानर जाति का ये अनोखा जीव है। हूलोक गिबन विलुप्त होने के कगार पर खड़ा वानर अपने जीवन साथी के साथ अपने सीमा क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से विचरण करता रहता है। दूसरा जोड़ा […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु छंद

  शुभ प्रभात खुश रहो हमेशा दिन औ रात पहली बार प्रयास किया मैंने लिखा हाइकु पढ़ना सभी पर ये ना कहना लिखा कायकु 😀 दिल का रिश्ता सबसे अनमोल क्यों बेखबर तेरे लिए ही जागूँ मैं सारी रात तू बेखबर तेरी बेरुखी आँखों में बरसात ठंडी सी रात लौटोगे कब आँसू सूखे नहीं हैं […]