Category : हाइकु/सेदोका


  • हाईकु

    हाईकु

    तुम बेवफा बने हृदय शूल वफा का सिला! हो गये जुदा देकर तुम दगा कुछ ना मिला! दु:खी मत हो मेरे टूटे हृदय वक्त दे भुला! दुआएं मेरी तुम रहो प्रसन्न मैं हूँ अकेला! बोझिल साँझ...

  • -दस हाइकु-

    -दस हाइकु-

    1 – क्या -क्या जंजाल इक्कीसवीं सदी में सब बेहाल | 2 – सत्य कसैला मनमोहक झूठ बाजी ले लूट | 3- शब्दों की भीड़ बीमार कल्पनाएं अर्थ रहित | 4 – पीड़ा का मौन पिघलता...

  • हायकु

    हायकु

    हायकु सृंखला-2 1-रक्त एक ही फिर भी तो लड़ते राम-रहीम। 2-घटी मर्यादा गरिमा विस्मित सी कद-पद की । 3- रंक से राजा पलटती जो बाजी राजा से रंक। 4- शूल जीवन नेक काम करें तो पथ्य...

  • होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु 01ः- रंग होली का जब धोये कटुता सार्थक हो। 02ः- होली के रंग अपनत्व के साथ रंग न भंग। 03ः- गुलाबी रंग गालों पर मलते दाग जो पड़े। 04ः- मिल के बने लाल...

  • होली है होली !!

    होली है होली !!

    प्रेम फागुनी मन के उत्सव में भीगता रहे ! .. रंग गुलाल चले भंग के संग मचाते शोर ! .. प्रेम फागुनी मन के उत्सव में भीगता रहे ! .. धरा ने खेला अम्बर संग रंग...

  • हाइकु

    हाइकु

    घात लगाए कुटिल पाकिस्तान बाज न आए ! आकार लघु गंभीरता समेटे होते हाइकु ! गर्भ में कली डरती क्या करती की भ्रूणहत्या ! चारदीवारी हुई असुरक्षित रिश्ते विक्षिप्त पहाड़ कर्ज मौत का आलिंगन धरतीपुत्र पिसी...

  • कैसी ज़िन्दगी? (10 ताँका)

    कैसी ज़िन्दगी? (10 ताँका)

    1. हाल बेहाल मन में है मलाल कैसी ज़िन्दगी? जहाँ धूप न छाँव न तो अपना गाँव! 2. ज़िन्दगी होती हरसिंगार फूल, रात खिलती सुबह झर जाती, ज़िन्दगी फूल होती!   3. बोझिल मन भीड़ भरा...


  • फ़ौजी-किसान  

    फ़ौजी-किसान  

    1. कर्म पे डटा कभी नहीं थकता फ़ौजी-किसान! 2. किसान हारे ख़ुदकुशी करते, बेबस सारे! 3. सत्ता बेशर्म राजनीति करती, मरे किसान! 4. बिकता मोल पसीना अनमोल, भूखा किसान! 5. कोई न सुने किससे कहे हाल...