Category : भजन/भावगीत

  • चल कैलाश पति के धाम

    चल कैलाश पति के धाम

    ॐ नाम का दर्शन होगा ,चल कैलाश पति के धाम । शिखर हिमालय मानसरोवर ,सम पूरण हैं चारों धाम । हिंदू संस्कृति का प्रतिबिंब ,कल्पवृक्ष की छाँव यहाँ , पवित्र  रूप  शिव शंकर का है, हिम...

  • कुछ कृष्ण भजन

    कुछ कृष्ण भजन

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ कृष्ण भजन भजन 1.श्यामा इतनी-सी आस अघा देना मेरे जीवन को सरल बना देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना- 1.मन निर्मल हो कपट से दूर रहे प्रेम-प्यार से सदा...

  • जन्मे  कृष्ण मुरारी

    जन्मे  कृष्ण मुरारी

    मथुरा में  जब पाप बढ़ा था , कंस से लोग घबराए वसुदेव  -देवकी जेल गए , रिश्ते कुल  के थर्राए । बेड़ियों में उनको जकड़ के , पहरा  कड़ा था  बिठाया । क्रूर कंस के अनाचार...


  • हे शिव शम्भू अंतरयामी

    हे शिव शम्भू अंतरयामी

    हे सदा शिव, हे अंतरयामी हे महाकाल, हे त्रिपुरारी हे शशि कपाल धारक हे प्रभु कष्ट निवारक हे नागेश्वर, हे रुद्राय हे नीलकंठ, हे शिवाय हे शिव शम्भू, हे प्रतिपालक हे दयानिधि हे युग विनाशक हे...

  • वाणी वंदना

    वाणी वंदना

    करूँ वंदना मैं, मातु तुम्हारी…. शरण पड़ी हूँ रख लाज हमारी… करूँ वंदना मैं…………………. न है ज्ञान माता,झोली खाली हमारी ज्ञान दे दो माता, भरो झोली हमारी तुम्हारे अलावा न कोई है मेरा तू जो कृपा...

  • वाणी-वंदना

    वाणी-वंदना

    मातु शारदे,नमन् कर रहा,तेरा नित अभिनंदन है ! ज्ञान की देवी,हंसवाहिनी,तू माथे का चंदन है !! अक्षर जन्मा है तुझसे ही, तुझसे ही सुर बिखरे हैं वाणी तूने ही दी सबको, चेतन-जड़ सब निखरे हैं दो...

  • कविता – ‘प्रभु की माया’

    कविता – ‘प्रभु की माया’

    हे! जगतगुरू जब –जब तुम्हें पुकारूं तब–तब तुम बहरे क्यों?हो जाते हो। क्या हवा लगी हैं इस दुनिया की जो तुम अंधे भी बन जाते हो।। आनाकानी जब–जब करते हो मेरा साहस क्षीण होता हैं। लाख...

  • सरस्वती-वंदना

    सरस्वती-वंदना

    मातु शारदे,नमन् कर रहा,तेरा नित अभिनंदन है ! ज्ञान की देवी,हंसवाहिनी,तू माथे का चंदन है !! अक्षर जन्मा है तुझसे ही, तुझसे ही सुर बिखरे हैं वाणी तूने ही दी सबको, चेतन-जड़ सब निखरे हैं दे...

  • सरस्वती वंदना

    सरस्वती वंदना

    हे हंस वाहिनी मुझे वरदान दो वरदान दो | अपनी कृपा की कोर दो उत्थान दो वरदान दो | वागीश वीणा वादिनी करुणा करो करुणा करो | मुझको अगम स्वर ज्ञान का वरदान दो वरदान दो...