वह लड़का
वह कोई अमीर घर का बेटा नहीं था। न ही उसके पास बड़ी-बड़ी ख्वाहिशें थीं। बस कुछ छोटे-छोटे सपने थे-
Read Moreमाथे पर शिकन सही, पर सीने में अथाह प्यार है,पिता और पुत्र का बंधन, इस कायनात का अनूठा श्रृंगार है।ना
Read Moreतपती सड़क पर लहू से सनी एक आह है,दर्द में डूबी हुई वो टूटती सी साँस है।तड़प रहा है जिस्म
Read Moreउस सुबह मैं घूमने नहीं निकला था… मैं तो अपने ही टूटे हुए दिल से दूर भागना चाहता था।हर कदम
Read More42 वर्षीय राघव अपनी कार की स्टीयरिंग पर सिर रखे फुटपाथ के किनारे खड़े थे। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही
Read Moreमन के सच्चे मित्र जो, छाया बनकर साथ।धूप पड़े संसार की, थामे जीवन-हाथ॥ दौलत, शोहरत, नाम सब, पल में जाएँ
Read Moreप्रथम अध्याय — “जब हमारा संसार बस एक आँगन था” सूरज की पहली किरण अभी धरती पर पूरी तरह उतरी
Read Moreदिल्ली के जंतर-मंतर की सड़क पर आज सिर्फ लाठियों और आंसुओं के निशान नहीं हैं, बल्कि वहां देश की आने
Read Moreकॉलेज का पहला दिन आज भी याद है। नए चेहरे, नई कक्षाएँ और दिल में अनगिनत सपने। शुरुआत में सब
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