वो हसीन दिन
बी.एड. कॉलेज की वह विशाल इमारत, हरे-भरे मैदान और कैंपस का वह पुराना पीपल का पेड़… जहाँ ज़िंदगी अपनी पूरी
Read Moreबी.एड. कॉलेज की वह विशाल इमारत, हरे-भरे मैदान और कैंपस का वह पुराना पीपल का पेड़… जहाँ ज़िंदगी अपनी पूरी
Read Moreचेहरे पर मेरे अपनी ज़ुल्फ़ों को गिराया उसने ,आतिशे शोक़ को मेरे, और बढ़ाया उसने ।ता अल्लुक तो कुछ भी,
Read Moreसाहित्य केवल शब्दों का ताना-बाना या अलंकारों की सजावट नहीं है बल्कि यह समाज की धड़कन, उसकी पीड़ा, उसकी आकांक्षाओं
Read Moreआज के भारत का राजनैतिक परिदृश्य एक ऐसे जटिल और संक्रमण कालीन दौर से गुज़र रहा है जहाँ लोकतंत्र के
Read Moreअधर्म का छाया था जो अंधियारा,सत्य का सूरज फिर मुस्काया।नवरात्र का अनुष्ठान हुआ पूरा,विजयदशमी का यह पर्व आया।राम के बाणों
Read Moreजिंदगी जब अपनी इब्तदा (शुरुआत) में होती है, तो आंखें सिर्फ़ आसमान छूती हैं। उस शख़्स के सीने में भी
Read Moreजीवन एक अनवरत यात्रा है, जहाँ हर नया दिन एक नई चुनौती और नया इम्तिहान लेकर उपस्थित होता है। इस
Read Moreशांत निशा का रूप सुहाना,चाँदनी बिखरी गाँव की ओर।कच्ची पगडंडी, बांस के झुरमुट,छप्पर पर है दीप की पोर।शीतल पवन मधुर
Read More“साहित्य की असल ख़ूबसूरती उसकी सच्चाई में है, उस ज़मीर की आवाज़ में है जो बेबाक़ होकर, बिना किसी डर
Read Moreनशीली नज़र उसकी मेरी जानिब,मैं मुस्कुराया था,एक हादसा था हुआ, लोगों इसमें तुम्हारा क्या है।उसको है मुहब्बत,मुझसे, मैं भी उससे
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