घड़ियाली आँसू
लघुकथा घड़ियाली आँसू महेंद्र और रमेश में जमीन को लेकर वर्षों से दुश्मनी चल रही थी। एक दिन अचानक हृदयाघात
Read Moreलघुकथा घड़ियाली आँसू महेंद्र और रमेश में जमीन को लेकर वर्षों से दुश्मनी चल रही थी। एक दिन अचानक हृदयाघात
Read Moreप्रातः काल का समय,पर्वतों की ओट से सूर्य की सुनहरी आभा आसमान को सिंदूरी लाली से भर रही थी।पंछीगण चहचहाते
Read Moreकोर्ट में जज ने न्याय सुनाने से पहले कटघरे में खड़े विजय से पूछा- “मिस्टर
Read More“एक समय था, जब खत को देखकर मजमून भांप लिया जा सकता था, एक आज का जमाना है, जब मजमून
Read Moreरतनलाल कचेहरी में टाइपिस्ट हैं।किसी तरह से शादी रत्ना से किये थे कि रत्ना उसके साथ कंधा से कंधा मिलाकर
Read Moreसभागार में वयोवृद्ध पंडित जी प्रवचन कर रहे थे. सभागार खचाखच भर गया, बाद में आने वाले लोग बाहर खड़े
Read Moreमैं 16 साल की बाली उम्र में दो विद्यालयों की फाउंडर प्रिंसिपल रही हूं. उसके बाद लगभग 16 सरकारी विद्यालयों
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