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क्लिनिक में एक युवा लड़की आई — चेहरा सुंदर, लेकिन बेचैनी साफ झलक रही थी। डॉक्टर ने चश्मा ठीक किया
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Read Moreकमलाबाई का नाम पूरे मोहल्ले में बहुत मशहूर था ,कहने को तो वह एक काम वाली थी, चार-पांच घरों में
Read Moreजेब में चंद रूपये और जरूरतें सुरसा की तरह मुंह बाये उसे कसौटी पर कसने को तैयार थी । राजन
Read Moreगहरी काली रात में अब्दुल घर की चौखट पर दिया लिए खड़ा किसी का इंतजार कर रहा था। ठंडी हवा
Read Moreनई नौकरी से संभावना बहुत खुश थी. पहले वाली नौकरी में उसके समक्ष दो विकल्प थे- “बॉस के दंभ के
Read Moreमुश्ताक़ को अपना बचपन याद आया वो दिन जब कंधों पर स्कूल का भारी बस्ता होता था, न कि ज़िम्मेदारियों
Read Moreरामखेलावन के पास तीन बीघे ज़मीन थी, एक टूटी खटिया और एक बेटा — रघु। तीनों में सबसे कीमती उसे
Read Moreहवाई जहाज़ अपनी ऊँचाई पर स्थिर था। यात्रियों की दुनिया मोबाइल स्क्रीन में सिमटी हुई थी। कोई वीडियो देख रहा
Read More“पापा इस बार मैं घर नहीं आ पाऊँगा गर्मी की छुट्टीयों में,क्योंकि अपने लिए एक फ्लैट लेने की सोच रहा
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