तारतम्य
तारतम्य ही सूत्र है, हर रिश्ते का सार।इसके बिन चलता भला, कब लंबा व्यवहार।। मन वाणी के साथ
Read Moreरोटी की मजबूरियाँ, छीन गई पहचान,बचपन बोझा ढो रहा, सूना हर अरमान॥ हाथों में गर कलम हो, लिखते नए विचार,आज
Read Moreदोषारोपण कर रहे, अब अपने ही लोग।तेजी से है बढ़ रहा, कोरोना जस रोग।दोषी भी हम आप हैं, देख रहे
Read More