सच है लहूलुहान
सच की राह कठिन हुई, झूठ सजे बाजार।सच बोलो तो लोग दें, ताने बारंबार॥ सच है लहूलुहान अब, झूठ खड़ा
Read Moreसच की राह कठिन हुई, झूठ सजे बाजार।सच बोलो तो लोग दें, ताने बारंबार॥ सच है लहूलुहान अब, झूठ खड़ा
Read Moreपितरहमारे पीछे छूट गया हुआ समय नहीं,वे उस वृक्ष की जड़ें हैंजिसकी शाखाओं परहम अपना वर्तमान टँगा हुआ देखते हैं।
Read Moreहंस रहा है वह किसी का दिल दुखाने के लिएझूठ फैलाए हमेशा कुर्सी पाने के लिए बैलगाड़ी से चले पर
Read Moreसम्मान जहाँ हो वहाँ, मन को मिले निवास।प्रेम-स्नेह की छाँव में, करें वहीं हम वास॥ सत्य का जहाँ मान हो,
Read Moreबदले करवट ऊँट जब, बदले उसकी चाल।समय बदलता देखिए, बदलें सब तत्काल॥ बदले करवट ऊँट जब, हिले रेत का गाँव।मौसम
Read Moreआज से शुरू हो गया पितृ पक्षपूर्वजों के प्रति समर्पित पखवारापर इतना जरूर जहन में रखेंबीता हुआ पल न लौटे
Read Moreसुबह सुबह मित्र यमराज ने फोन कर कहाप्रभु ! आप मेरा एक काम कर दीजिएअपनी भारत माता को मेरा प्रणाम
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