जीवन का असल मूल्य कैसे पहचानें?
जीवन का असल मूल्य मोह माया से नहीं पहचाना जाता,यह तो अच्छे कर्मों से हर पल सजाया जाता।जो बाँट सके
Read Moreजीवन का असल मूल्य मोह माया से नहीं पहचाना जाता,यह तो अच्छे कर्मों से हर पल सजाया जाता।जो बाँट सके
Read Moreबहुत ढूंढा कहीं मिला ही नहींवह पत्थर जिस पे सर रखकरकभी अर्पित कर सकतीअपनी मासूम इच्छाएं सौंप देती अपने सारे
Read Moreतम की तंद्रा टूटी, नील निशा मुस्काई,बंदीगृह के घोर तम में कृष्ण-ज्योति आई।जैसे सूनी धरती पर सावन-ऋतु छाई,वैसे मानव-मन में
Read Moreहर पल उनका इंतज़ार करते थे,उनकी हर आदतों पर मरते थे,वो हर बात जुबां से नहीं,अपनी निगाहों से करते थे।
Read Moreसफलताकिसी संयोग की देन नहीं,वह उगती हैआशा की उर्वर भूमि पर। आशा-जो थाम लेती हैडगमगाते विश्वास का हाथ,और कहती है,चलो,
Read Moreजब तुम उतरते होमेरे भीतर,उतर आता है आकाशउतर आती है धरतीऔरबिखर जाता है – इंद्रधनुष।महकने लगता है मुझमें –फागुन।तब मैं
Read Moreमोर मुकुट शीश धरे श्यामल कृष्ण कन्हाई,यदुनंदन की मुरली की तान हर मन को भाई । वृंदावन की गलियों में
Read Moreपलकों पर नमी है,पर होंठों पर हंसी भारी है,देख ऐ ज़िन्दगी,मेरी मुस्कुराने की कोशिश जारी है,भीतर एक समंदर ग़म का
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