बाल कविता – रिमझिम बरस रहे बादल
रिमझिम बरस रहे बादलपानी से भरी-भरी धरतीखेतों में मेढक बोलेसब बच्चे कागज का नाव बनातेरंग-रंग के फूल खिलेहरियाली आई उपवन
Read Moreरिमझिम बरस रहे बादलपानी से भरी-भरी धरतीखेतों में मेढक बोलेसब बच्चे कागज का नाव बनातेरंग-रंग के फूल खिलेहरियाली आई उपवन
Read Moreबड़ी जोर से शेर दहाड़ा— “जंगल में मेरा है राज!”खरगोश बोला, “मिलकर रहना, आवश्यक है आज ।”हो बलवान और बुद्धिमान
Read Moreपों – पों पीं – पीं करती लारी।ट्रक कारों के वाहन भारी।। नहीं चैन से रहने देते।कान फोड़ते वाहन जेते।।शोर
Read Moreरवि एक अच्छा लड़का है। वह कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करता है। दया का गुण भी है। संस्कारी है। कभी
Read More1 हरा रंग, मैं लगूँ हथेली।डाली पर झूमूँ अलबेली।अपना भोजन स्वयं पकाती।हवा साथ मैं नृत्य दिखाती। 2 गड़े हुए धरती
Read Moreनैना सात साल की है। अपनी माँ के साथ लोगों से पैसा मांगती है। दौड़-दौड़ कर प्रत्येक कार के पास
Read Moreनन्हे हाथों की खुशी,भोली-सी मुस्कान।हाथी संग खेला करे,मेरा नन्हा जान॥ पीला-नीला हाथिया,चलता धीरे-धीरे।हँसी बिखेरे आँगना,खुशियाँ घेरे-घिरे॥ धक्का देकर बोलता,“चल रे
Read Moreरिषभ साइकिल को देखकर मचल जाता था। वह भी साइकिल चलाना सीखना चाहता है। अभी दस साल का है। कोई
Read Moreरात में जुगनूंमस्ती करते हैंउड़ते हैं गगन में कभी इधर, कभी उधरदूर तक दौड़ लगाते हैं एक लम्बी उड़ानजुगनूं जब
Read Moreनन्हे हाथों थामकर,बैठा हँसता लाल।गोदी में लौकी लिए,जैसे हरित विशाल॥ हरा-भरा यह फल कहे,प्रकृति बड़ी महान।इससे मिलकर सीख लो,सादा सुंदर
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