उसका ज़ब्त (सबर) टूट गया
कश्मीर की सर्द हवाओं में चिनार के शुष्क पत्ते तैर रहे थे। दस साल दस लंबे और तवील साल ज़ोहरा
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Read Moreइंदौर की झुग्गी बस्ती में असामान्य तेज़ बारिश हो रही थी। जलवायु परिवर्तन ने मौसम चक्र बदल दिया था। पैंतालीस
Read Moreआजकल लोग अच्छे कम और अच्छे होने का ढोंग ज्यादा करते हैं. स्मिता ऐसे ही लोगों में से थी. नाम
Read Moreपूरे दिन की भागम- भागी मे सप्ताह कैसे बिताता है , पता भी न चलता खासकर दफ्तर जाने वाली महिलाओं
Read Moreसोनबरसा गाँव के आख़िरी छोर पर कावेरी अम्मा का पुराना घर था। बरसात होते ही वह खिड़की के पास बैठकर
Read Moreलुधियाना से चंडीगढ़ जाती मुख्य सड़क पर एक भीषण दुर्घटना हो गई, एक तेज रफ्तार बस ने एक साइकिल सवार
Read Moreसुबह के 6 बजे थे। मिथिलेश अपनी साइकिल पर सवार होकर स्कूल की तरफ़ निकल चुका था। रास्ते में धुंध
Read Moreलक्ष्मण जीवन और मृत्यु के बीच की स्थिति मूर्छित अवस्था में थे । उन्हें मेघनाद ने युद्ध में घायल कर
Read Moreअवनीश जी अपनी ज़िंदगी की साठ बसंत देख चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उनका दिन अखबार, चाय और बालकनी में
Read Moreकभी-कभी जीवन की सबसे खूबसूरत यात्राएँ बहुत दूर जाकर नहीं, बल्कि अपने ही आसपास की पगडंडियों पर मिल जाती हैं।
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