शहज़ादी की आवाज़
दिल्ली की वह शाम कुदरत का कोई नायाब करिश्मा थी। आसमान सुर्ख लाल रंग में रंगा था और हवाओं में
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Read Moreबारिश भी मौसम-बेमौसम आती रहती है और यादें भी! फिर जब बारिश हो, हाथ में गर्मा-गर्म चाय का प्याला हो,
Read Moreसवा दो साल की बिटिया बैंककर्मी माँ की निगाह में स्कूल जाने योग्य हो गई थी। माँ ने उसे घर
Read Moreउस सुबह मैं घूमने नहीं निकला था… मैं तो अपने ही टूटे हुए दिल से दूर भागना चाहता था।हर कदम
Read Moreविधा- लघुकथाशीर्षक- कमीज का कॉलर देवी को पता था कि उसके माता-पिता, भाई-बहन कोई नहीं है और वह रिश्ते की
Read Moreविधा- कहानीशीर्षक- विरासत की छतरी “ये सांध्य-वेला भी कितनी खूबसूरत होती है न!” सांध्य-वेला का नजारा देखते हुए नदी किनारे
Read More42 वर्षीय राघव अपनी कार की स्टीयरिंग पर सिर रखे फुटपाथ के किनारे खड़े थे। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही
Read Moreस्वाधीनता दिवस का उत्सव बड़े धुमधाम से मनाया गया। जोश के साथ बड़े-बड़े वादे किए गए। मिठाइयां बांटी गई। बच्चे
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