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गहरी काली रात में अब्दुल घर की चौखट पर दिया लिए खड़ा किसी का इंतजार कर रहा था। ठंडी हवा
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Read Moreनई नौकरी से संभावना बहुत खुश थी. पहले वाली नौकरी में उसके समक्ष दो विकल्प थे- “बॉस के दंभ के
Read Moreमुश्ताक़ को अपना बचपन याद आया वो दिन जब कंधों पर स्कूल का भारी बस्ता होता था, न कि ज़िम्मेदारियों
Read Moreबस के आते ही मैं चढ़ गया। वहीं रोज के लगभग जाने-पहचाने चेहरे, रामा-श्यामा, नमस्ते! करके खड़ा हो गया। सीट
Read Moreजब – जब कोई त्यौहार आता है, बाजारों की रौनक, चहल-पहल बढ़ जाती है। होली का त्योहार , दीपावली का
Read Moreरामखेलावन के पास तीन बीघे ज़मीन थी, एक टूटी खटिया और एक बेटा — रघु। तीनों में सबसे कीमती उसे
Read More“मैनवा” यही उसका बपौती नाम था। नाम के पीछे छुपे कारनामों का पता आपको खुद ब खुद लग जायेगा। पैंतालीस
Read Moreविद्यार्थी जीवन में अखबार पढ़ने की आदत और कहानियां, कविता के लेखकों की तरह अपना नाम
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