कहानी – यूज मी
चिपचिपाती गर्मी यूं ही परेशान कर रही थी । रात का सफर था, संतोष था कि चलो कुछ थोड़ा खा-पीकर
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Read Moreआज रिटायर्ड होने पर कॉलेज के हर तरफ आंसू का सैलाब बह रहा था।प्रोफेसर साहब चुपचाप ऑफिस में बैठकर अपने
Read Moreपिछला चुनाव जीतने क के बाद तो टप्पू चौधरी ठीक-ठाक था हमारे प्रधान जी से उसकी बहुत गाढ़ी वाली यानी
Read Moreलंदन की ठंडी शाम! एयरपोर्ट से बाहर आते ही जगमगाती सड़कें! कौशल जी और शुभ्रा जी को पहली बार लगा
Read More‘मॉम से मुझे उसे दिन से नफरत थी और ये नफरत इंतकाम में तब बदल गई जब उन्होंने हमारे सेक्स
Read Moreदिव्या एक प्यारी सी बच्ची, मैटरनिटी लीव के बाद से ही शीला आया ने ही उसकी सारी जिम्मेदारी उठाई ।
Read Moreजुलाई का महीना था दिन के लगभग बारह बजे होंगे। आज मौसम साफ था इसलिए बड़ी तेज धूप थी। वरना
Read Moreमरीज के इतिहास को जानने के बाद डा. कृपा ने जैसे ही मरीज का नाम पढ़ा तो चौंक गईं. ‘जयंत
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