बाबा
बाबा-योगी में मची, है फिर से हुड़दंगदोनों के चम्मच लड़ें, जैसे पी हो भंगजैसे पी हो भंग, उधर केशव पगलायापुनः
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
Read Moreचहकेगा उपवन, महकेगा मधुबन, रात के बाद ही दिन, आएगा निश्चित जान।। मुरझाया चाहे बाग, फूलों में था अनुराग, सखा
Read Moreज्ञानी ऋषि मुनि हैं बडे, लेखन ललित प्रभास। विद्या दानी की कलम, भरती ज्ञान उजास।। भरती ज्ञान उजास, जिंदगी संवर
Read Moreवोट उसी को दीजिए, जिसके दिल में रामउसे न देना जो करें पग-पग पर कोहरामपग-पग पर कोहराम, किए जीभर हंगामाले
Read Moreपानी-हुक्का बंद कर, रोको बंदरगाहजल प्रवाह को रोक दो, तभी मिटेगी डाहतभी मिटेगी डाह,दिए हो जो गलियारारोक सभी निर्यात,खतम कर
Read Moreरंग रंग में उमंग, हैं सुवासिनी तरंग, आभ सुंदरी सुरेख, सृष्टि रूप साधिए।। पेड़ पौध वृक्ष ठाँव, मीत प्रेम नेह
Read Moreरहें नशे से दूर, विनाशी ये घातक भी। लूटे धन अनमोल, शांति का हैं नाशक भी।। मिटता घर परिवार, रोग
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