कुंडलियां छंद
कुंडलियां छंद उलझे मन की डोर जब, हिय में हो संग्राम। योग ध्यान से ही सखा, मन पर कसे लगाम।।
Read Moreकुंडलियां छंद उलझे मन की डोर जब, हिय में हो संग्राम। योग ध्यान से ही सखा, मन पर कसे लगाम।।
Read Moreयोगी से ले लीजिए, बुलडोजर श्रीमानसरमा जी से लीजिए,चुन-चुन खनक बयानचुन-चुन खनक बयान,मरें सारे खल-कामीयूसीसी ले आव, लगाए जैसा धामीकह
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