गीत – लहर यहां भी आएगी
राजहंस पांखें फैलाओ ,लहर यहां भी आएगीनमी,जमीं पर थिरक रहीहरियल गीत सुनाएगी। जरा मृदा की खिड़की खोलोगर्भ -नीर अकुलाते हैंभीतर
Read Moreराजहंस पांखें फैलाओ ,लहर यहां भी आएगीनमी,जमीं पर थिरक रहीहरियल गीत सुनाएगी। जरा मृदा की खिड़की खोलोगर्भ -नीर अकुलाते हैंभीतर
Read Moreअखिल विश्व की पीड़ा हर लो नारी तुम, देवी शक्ति हो, खुद से खुद को जाग्रत कर लो। देवीय गुणों
Read Moreजीवन पीछे छूट गया है मन मीत अब रूठ गया है। जीवन पीछे छूट गया है।। नहीं, चाव अब मिलने
Read Moreसाकार देवी का पूजन © डा.संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी नारी का योगदान स्वीकारें, सुक्खों से निज झोली भर लें। प्रतीकों को
Read Moreकदम बढ़ायें चलते जाएँ रुकने का क्या कामसुबह भी आएगी राहों में कब तक रहेगी शाम गढ़ते आये स्वप्न सलोने
Read Moreइतिहास से मुक्त होकर, पगडंडियों से जरा हटकर,कुदृष्टियों और उपदेशों को, पीछे छोड़,परिणामों से जरा संभलकर वर्तमान के साथ चलें।ले
Read Moreहाथी, घोड़ा और पालकीजय हो श्रीअग्रसेन महाराज की। लगभग ५१०० वर्ष पूर्व वे जन्मेअग्रोहा रही उनकी राजधानीअभी भी तमाम साक्ष्य
Read Moreभले ही अकेला रहता हूँ। प्रेम तुम्हें करता हूँ। लुटा, पिटा, थका हुआ, बोझ तले दबा हुआ,चाह भी मर चुकी,
Read Moreपहली-पहली बार बने हैं, दादी अम्मा हम।दिग-दिगंत में गूँज उठी हैं, खुशियों की सरगम।। अब तो हम भी लिख डालेंगे,
Read Moreसमस्याओं से नहीं है डरना। जीवन है फिर क्यूँ है मरना।स्वयं कर्मरत, विकास करें हम, नहीं किसी का चैन है
Read More