अंधकार को दूर भगाएं
ज्ञान दीप जलाएं ज्ञान का दीप जलाएं, अज्ञान को दूर भगाएं। जीवन को नई दिशा दें, सत्य की राह चलाएं।
Read Moreज्ञान दीप जलाएं ज्ञान का दीप जलाएं, अज्ञान को दूर भगाएं। जीवन को नई दिशा दें, सत्य की राह चलाएं।
Read Moreहे रूपसि! तुझको देख-देख, उपमान हमारे लज्जित हैं। तेरी आंखों में है जादू, दिल डूब – डूब है बेकाबूनवरस प्रतिबिंबित
Read Moreनर-नारी मिल दीप जलाएं दीपावली पर दीप जलाएं। अंतर्मन को हम महकाएं। सहयोग, समन्वय व सौहार्द्र से नर-नारी मिल दीप
Read Moreदुर्लभ जीवन हुआ आज क्यूँ, मिलता नहीं जवाब है।महंगाई आकाश छू रही, टूट रहे नित ख्वाब हैं।आमदनी है एक रुपइया
Read Moreबेटियों से मत छीनों तुम उनका स्वतंत्र अधिकार,बहने दो उनमें भी निर्बाध अमृत “आनंद” रसधार । बिटिया संस्कारों को पीढ़ी
Read Moreमाया मद के मकड़ जाल से जब मानव बच पाएगा।क्षणभंगुर मानव का जीवन पर पल-पल मुस्कायेगा। अमर न कोई इस
Read Moreइन रावणों के बीच मेंएक राम को आराम कब है! भ्रष्ट नेता त्रस्त जनताअँधियाँ उड़ते बगूलेचाहिए आधा कमीशनक्यों न महँगाई
Read Moreअंधकार में युवा शौर्य के, दीप जलाते हैं।देशभक्ति के मधुर तराने, नित वे गाते हैं।। चंद्रगुप्त की धरती है यह,
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