गांव हमारी धरोहर
चलो चले, गांव की ओर।जहां मिले, सुहानी भोर। हरे भरे हैं, खेत बाग वन।मिट्टी इसकी, मानो चंदन।देख बादरा, काले-काले।नाच उठे
Read Moreचलो चले, गांव की ओर।जहां मिले, सुहानी भोर। हरे भरे हैं, खेत बाग वन।मिट्टी इसकी, मानो चंदन।देख बादरा, काले-काले।नाच उठे
Read Moreदिनोंदिन बदल रहा परिवेश। राममय हुआ समूचा देश।। अयोध्या नगरी की है बात, सुना है हुए पाँच सौ साल। जहाँ
Read Moreबीत चला यह वर्ष देकर अपने रंग कुछ गहरे कुछ हल्के कई यादों के संग कुछ खट्टे कुछ मीठे पल, और यादें थोड़ी
Read Moreचाह यदि जीवन में उत्कर्ष।निरंतर करना है संघर्ष।। मिलेगी फिर निश्चय ही जीत,बनेगी सारी दुनिया मीत।राह में बाधक रहा विमर्ष,निरंतर
Read Moreभक्त के उर में रहते रामझाँक ले हृदय-भीतर। सोना चाँदी में यदि होतेपाते धनिक अमीर।कथरी ओढ़े पा लेते हैंउनको संत
Read Moreभेज रहे हैं पीले चावल , घर घर अलख जगाने को।मन्दिर में है प्राण प्रतिष्ठा , न्यौता सबका आने को।यह
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