मैं जीना चाहती थी
मैं जीना चाहती थी अपने सपनों के साथजहाँ कोई न हो सिर्फ प्रेम होजो मुझे दुनिया के हर दर्द से
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Read Moreनफ़रतों के इस अंधे दौर मेंयदि कोई मोहब्बत लुटा जाए,तो उसे सिर माथे बिठाइए,दुआओं में उम्र उसकी बढ़ा जाए। ये
Read Moreयुद्ध की विभीषिका अबपड़ रही भारीतुम्हारे लिए। क्या फायदा मिलेगा बताओबम-बारुद फोड़करतुम्हारे लिए। जरुरी अब विचार करनायुद्ध का अत्याचारतुम्हारे लिए।
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