दीप की रोशनी
दीप जलता है खुद को जलाकररोशनी देता है सबको बिखेर।खुद के अंधकार को दूर करदूसरों को रास्ता दिखलाकर। किसी और
Read Moreदीप जलता है खुद को जलाकररोशनी देता है सबको बिखेर।खुद के अंधकार को दूर करदूसरों को रास्ता दिखलाकर। किसी और
Read Moreतुम यूँ ही खिलो, मैं प्रीत बुनूँ,भर आँचल में छवि तेरी चुनूँ।तू हृदय में ही मेरे मोहन है बसा,तुझे धड़कन
Read Moreएक दीवाली ऐसी भी होजल उठे जब मन की ज्योति भीजहाँ में कहीं न कोई गरीबी होहर हाथ खुशी की
Read Moreअरे!अब तुम क्या करोगेदेश को आजादतुम तो ढूंढते होइंस्टा और फेसबुक परसच्चा प्यार।कभी ढूंढ लेतेतुम उन विचारों कोजो जगा देतेतुम्हारी
Read Moreपावन कार्तिक मास सखी री देख आया,“आनंद” उत्सव खूब हर्षोल्लास मनाया । वेद पुराणों ने कार्तिक की महिमा गाई,कार्तिक बारह
Read Moreव्रत से बढ़कर प्रेम है, प्रेम बड़ा विश्वास।दो मन जब मिलकर चलें, महके जीवन-वास॥ चंदा से अरदास कर, माँगे सुखी
Read More१)अन्तर्मन यदि दैदीप्यमान हैबाहरी अंधकार से क्यों कोई डरेविजय श्री आपकी सुनिश्चित हैकर्तव्य पथ पर बेखौफ आगे बढ़ें । २)खुलेंगे
Read Moreसोचते ही रहोगे याकुछ करोगे भीप्रेम और करुणा भावह्रदय भरोगे भी।। नकारात्मक निर्णय लेने में तोजरा सी भी देर नही
Read Moreसेवा का अर्थ सही,अपनों पर ही प्यार लुटाना,हर जरूरतमंद को समान भाव से गले लगाना,जहाँ भेदभाव हो,वहाँ सेवा का मान
Read Moreमेहंदी लगे इन हाथों में, रंग सजे प्यार का,साजन का दीदार हो, मौसम हो बहार का।मेहंदी के रंग में डूबकर,
Read More