रश्मि बने आए हो!
रश्मि बने आए हो,रोशन भव छाये हो;पल्लव बिच झाँके हो,छवि निज दिखलाए हो! हर दीप्ति कितनी किरण,विकरित हैं, कितनी भुवन;कितनी
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Read Moreश्रीरामचंद्र प्रभु कृपा करो ।हे रघुनंदन ! दुःख-शोक हरो ।। प्रभु तुम जगत के पालनहार ।हे रघुवर ! बेड़ा कर
Read Moreराम भक्ति का ओढ़ के चोला,कड़वा विष विश्वास में घोला,कितने चेहरे पाखंडी हैं,गुरु हो या चेला,मिलकर खेल रहे ये,राम के
Read Moreरिश्ते यदि हों घाव बन, बढ़े निरंतर पीर।स्वयं बचाने मौन ही, बन जाता तब धीर॥ मन के भीतर टूटते, कितने
Read Moreनाम-पता सब देह के, जग के मात्र निशान।आत्मा का परिचय कहाँ, लिख पाए इंसान॥ मोबाइल, घर, गाँव सब, बदलें दिन
Read Moreकितनी सदियाँ बीत गईं, पर घाव अभी भी ताज़ा है,इंसान से पहले यहाँ अक्सर उसका जाति पूछा जाता है।बराबरी की
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