डिजिटल हरियाली के बीच
आज फिरनीले आकाश-से इस आभासी जगत मेंहरित स्वप्नों की लहर उठी है—शब्दों में लिपटी संवेदनाएँ,चित्रों में सजती करुणा की छाया।
Read Moreआज फिरनीले आकाश-से इस आभासी जगत मेंहरित स्वप्नों की लहर उठी है—शब्दों में लिपटी संवेदनाएँ,चित्रों में सजती करुणा की छाया।
Read Moreमिला है तुम्हें ये प्रमुख अधिकार,करो इसे पूर्णतया तुम स्वीकार,अपना श्रेष्ठतम फ़र्ज़ निभाना हैं,अवश्य ही वोट डालने जाना है ।
Read Moreयूं कलियां कई निकलती हैं पौधों परपर क्या सबके किस्मत मेंचटखना होता हैखिलना होता हैखुशबू बिखेरना होता हैमहकना होता हैजीवन
Read Moreखोकर तुम मुझे कभी पा ना सकोगे जीवन मेंहम तुम्हें वहाँ मिलेगें जहाँ तुम आ ना सकोगेढुँढते रह जायेगी तेरी
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