बजरंगी
शीश झुकाते हम बजरंगी।मान रहे हम साथी संगी।।भूत-प्रेत बाधा के मारे।आप सभी को सदा उबारे।। राम प्रभु के भक्त प्रिये
Read Moreसोचा था झूले को धक्का मारके, पीछे हट जाऊं.. जैसे जैसे झूला ज़मीन से आसमान छूने लगेगा, धीरे धीरे मैं
Read Moreमुझे देखना था—आग कहीं एक ही ओर तो नहीं,या फिर दूसरी दिशा भीउतनी ही तपिश से दहक रही है;क्योंकि आग
Read Moreहर तरफ से हो रहा प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषित,असंख्य आपदाएं विपदाएं झेल रहे हैं किसान,कंक्रीटों का बिछ रहा जाल प्रदूषित वातावरण,मौसम
Read Moreमौका मिल जाएअभी भी साधु बन जाऊंगा ।सनम की बेवफाईभजन समझकर गाऊंगा।।मौका मिल जाए… 2सनम की बेवफाईभजन समझकर गाऊंगा ।।सनम
Read Moreआज चेहरे से वो खुशी गायब थी,जो तूने साथ में रहकर कमाई थी।कितने ‘हँसी’ थे वो छोटे-छोटे पल,खुशियों को बाँटकर
Read Moreहाँ, मान लिया—कहा जाता है कि अब समाप्त हो चुका जातिवाद,पर जब कोई फरियादीइंसाफ़ की आस लिएदरवाज़ा खटखटाता है,तब उसी
Read Moreबड़े प्यार से पत्नी आई, करती हुई मनुहार,आकर बोली खाने में, क्या खाओगे सरकार?तबियत कुछ नासाज़ थी, हमने किया विचार,डरते
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