योग दिवस
इक्कीस जून विशेष है। आज योग परिवेश है।।योग सभी घर-घर पहुँचाओ, व्यर्थ बहाने नहीं बनाओ।।हर प्राणी जब योग करेगा।भारत तभी
Read Moreहर मनुष्य का अपना मन होता है उसी दिशा में वह चलता है जो कुछ वह बोलता है, जो कुछ
Read Moreमानवीय संवेदनाएँ शून्य हो गई हैं,कुछ लोग सबकी ज़िंदगी से खेल रहे हैं।क्या पैसा इतना ज़रूरी हो गया है,कि इंसानियत
Read Moreहाँ, लिखने की कोशिश कुछ विक्षिप्त,और मानने लगते स्वयं को दैदीप्य।उगलते भीतर का तीखा ज़हर,जिस पर अमल ला सकता कहर।
Read Moreतुम्ही हमारे माता-पिता और जीवन रक्षक हो,तुम्ही हमारे बंधु सखा और पापों के भक्षक हो,क्षमादान दिया नया जीवन दे नाथ
Read Moreसोचता हूँ…कितने सीधे और मासूम थे वो लोगजो अपनी मोहब्बत, अपनी यादेंकिताबों के पन्नों के बीचएक गुलाब की शक्ल में
Read Moreआज विश्व रक्तदाता दिवस हैंयह हम आप सब जानते हैं,पर विचारणीय है कि कितना इसका मान बढ़ाते हैं,रक्तदान की सार्थकता
Read Moreबाकी सब कुछ भूलकर,जिसने किया जाति धर्म।वो अहमक क्या जाने,इंसानियत का मर्म। ऊंच-नीच की दीवारों में,जिसने खुद को कैद किया।नफरत
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