ममता की छाँव
लाल दुपट्टा, मीठी मुस्कान,माँ जैसी लगती पूरी जहान।गोदी में नन्हा सपना प्यारा,आँखों में चमके चाँद सितारा। मेले की रंग-बिरंगी राहें,खुशियों
Read Moreलाल दुपट्टा, मीठी मुस्कान,माँ जैसी लगती पूरी जहान।गोदी में नन्हा सपना प्यारा,आँखों में चमके चाँद सितारा। मेले की रंग-बिरंगी राहें,खुशियों
Read Moreजिसे देखो वो ही भाग रहा अपनों से जुदा हो रहा पर जा कहाँ रहा है उसको खुद पता नहीं
Read Moreये चिलचिलाती भीषण गर्मी और प्यास तन-मन,अधीर थका मांदा रूखा-सुखा सा हुआ है जीवन,नौ तपा ने भी दिखाया अब ज्वलंत
Read Moreआखिर बेटियों को मौत क्यों?क्यों हर दिन किसी दिशा शर्मा की चिता जलती है?क्यों किसी माँ की गोद सूनी होती
Read Moreजब सूर्यरोहिणी नक्षत्र के प्रखर द्वार परअपने अग्नि-चरण रखता है,धरती की देह परताप का एक अदृश्य शास्त्र लिखना आरम्भ हो
Read Moreबेटियों के जल्लादों का हिसाब कब होगा,ये सोई हुई व्यवस्था का जवाब कब होगा।हर रोज़ कहीं मासूमियत कुचली जाती है,इंसाफ़
Read Moreशुष्क है यह भग्न उरनीर नयनों में भराताप विरहाग्नि सहे,कंपित हुई यह धरा।तिमिरमय इस चेतना मेंभोर फिर से क्या उगेगी?तृप्ति
Read Moreहाय रे जमानाक्या है बतानाकैसे कैसे लोग हैसमझ ही न पाना नकली भेष बनाकरघूम रहे है छलने कोपहचान पाना मुश्किल
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