जीवन के रंग
मुझे देखना था—आग कहीं एक ही ओर तो नहीं,या फिर दूसरी दिशा भीउतनी ही तपिश से दहक रही है;क्योंकि आग
Read Moreमुझे देखना था—आग कहीं एक ही ओर तो नहीं,या फिर दूसरी दिशा भीउतनी ही तपिश से दहक रही है;क्योंकि आग
Read Moreहर तरफ से हो रहा प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषित,असंख्य आपदाएं विपदाएं झेल रहे हैं किसान,कंक्रीटों का बिछ रहा जाल प्रदूषित वातावरण,मौसम
Read Moreमौका मिल जाएअभी भी साधु बन जाऊंगा ।सनम की बेवफाईभजन समझकर गाऊंगा।।मौका मिल जाए… 2सनम की बेवफाईभजन समझकर गाऊंगा ।।सनम
Read Moreआज चेहरे से वो खुशी गायब थी,जो तूने साथ में रहकर कमाई थी।कितने ‘हँसी’ थे वो छोटे-छोटे पल,खुशियों को बाँटकर
Read Moreहाँ, मान लिया—कहा जाता है कि अब समाप्त हो चुका जातिवाद,पर जब कोई फरियादीइंसाफ़ की आस लिएदरवाज़ा खटखटाता है,तब उसी
Read Moreबड़े प्यार से पत्नी आई, करती हुई मनुहार,आकर बोली खाने में, क्या खाओगे सरकार?तबियत कुछ नासाज़ थी, हमने किया विचार,डरते
Read Moreमैं वही नारी हूँ—चूल्हे की आँच में तपकर निखरी,बर्तनों की खनक में खोई थी,पर मन में रोशनी ही बिखरी। आँगन
Read Moreदेखो तुम मेरे भीतर सेमरती चली गईऔर मुझे पता भी नहीं चलाये बात मुझे अभी बहुत दु:ख पहुँचा रही है
Read Moreनव सुबह का स्वप्न लिए,चल पड़ा युवा अरमान लिए,हाथों में डिग्री चमक रही,मन में उम्मीदों की पहचान लिए।पर राहों में
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