ज़िंदगी जीने के लिए थी…सोचने में गुज़ार दी
ज़िंदगी जीने के लिए बनी थी,हमने सोचने में गुज़ार दीकल की चिंता,बीते कल की यादों में हर खुशियाँ हार दी।जो
Read Moreज़िंदगी जीने के लिए बनी थी,हमने सोचने में गुज़ार दीकल की चिंता,बीते कल की यादों में हर खुशियाँ हार दी।जो
Read Moreबारिश की बूँदें जब धरती पर गिरती हैं,लगता है मानो खुशियाँ ही बिखरती हैं।ऐसा प्रतीत होता है हर पल जैसे,आकाश
Read Moreहाथों में किताबें, आँखों में उजियारा,पर राह में फैला कीचड़ इतना सारा।नन्हें-नन्हें कदमों का यह कैसा सफ़र,हर मोड़ पे है
Read Moreपरंपराओं से आगे ज़रा बढ़कर तो देखो,पुरातन झंझावातों से थोड़ा उबरकर तो देखो।बदल दो उस व्यवस्था को,जो रोकती हो आगे
Read Moreश्रेष्ठता का आधार ऊँचे आसन से नहीं बनता हैवह तो निर्मल विचारों से जीवन में खिलता है।पद और प्रतिष्ठा समय
Read Moreगर्मी का मौसम कहे, खुद का रखिए ध्यान।जानबूझकर मत बनो, आप सभी नादान।।आप सभी नादान, भाव में रखिए नर्मी।ठंडा रखना
Read Moreहां देखा है मैंने लोगों कोजीवित रहने के लिए करते हुए कवायद,दुआओं से लेकरअपने इष्ठों से करते खुशामद, धन,दौलत,जमीन,घर व
Read Moreकौन सहारा माँ बाप का, बेटा या बेटी होती,पूछ रहे बाबा दोनों से, बात क्या सच्ची होती? बेटा वंश चलाता
Read Moreआओ शख्स बनकर नहीं,शख्सियत बनकर जीना सीखें,अपने कर्मों से हर दिल में उजियारा बोना सीखें।नाम नहीं,नेकियों की खुशबू पहचान बनेऐसा
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