राखी- बाल गीत
राखी के कच्चे धागों में,बंधा हुआ है इतना प्यार,कर्मवती की राखी पाकर,हमायूं को हुआ गर्व अपार.झटपट उसकी रक्षा हेतु,सेना ले
Read Moreराखी के कच्चे धागों में,बंधा हुआ है इतना प्यार,कर्मवती की राखी पाकर,हमायूं को हुआ गर्व अपार.झटपट उसकी रक्षा हेतु,सेना ले
Read Moreझंडा ऊंचा रहे हमारा, लगता सबसे एकदम न्यारा, तीन रंगों से सजकर ये झंडा, दिखता देखो कितना प्यारा। हरा रंग
Read Moreमुर्गी अंडा देती रोज,मुर्गा बाँग लगाता क्यों? मोर शुभंकर पक्षी है,किसको नाच रिझाता क्यों? साँप रेंग कर चलता है,पाँव न
Read Moreअम्मा चलें आज अमराई।झूलें झूला बहना – भाई।। नभ में घटा उमड़कर आई।हवा चली ठंडी पुरवाई।।यहाँ वहाँ छाया भी छाई।अम्मा
Read Moreलहराती पतंग झूम-झूम, नीले आसमां को चूम-चूम, बादलों संग इतराती, इधर-उधर, नाचे घूम-घूम।। साथियों संग गुनगुनाती, डोर संग सहर्ष बंध
Read Moreसड़कों पे पानी भरा ,चली कागजी रेल ,आओ हमतुम खेल लें ,बचपन वाले खेल। —रिमझिम जी का शोर है ,बादल
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