रील संस्कृति में साहित्य बना ‘कंटेंट’
डिजिटल युग ने अभिव्यक्ति के स्वरूप को अभूतपूर्व गति और विस्तार दिया है। आज हर व्यक्ति के हाथ में एक
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Read Moreसाहित्य मनुष्य की अंतरात्मा का दर्पण है, जो समाज के हर्ष, शोक, संघर्ष और संवेदनाओं को शब्दों के माध्यम से
Read Moreभारतीय साहित्य के आकाश में माखनलाल चतुर्वेदी एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी आभा ने न केवल हिंदी काव्य जगत
Read Moreभारतीय साहित्यिक परिदृश्य सदैव से विविधता, विचारशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक रहा है। यह वह क्षेत्र है जहाँ
Read Moreसाहित्य का असली मक़सद तो समाज की सच्चाई को उजागर करना, लोगों के जज़्बात और दर्द को आवाज़ देना था।
Read Moreजब भीतर की अनुभूतियाँ शब्द बनकर फूट पड़ती हैं और कल्पना समय की दीवारों को लाँघकर दूर-दूर तक अपनी छाया
Read Moreसर्वप्रथम जीते-जी इलाहाबाद की लेखिका को इलाहाबाद सहित साहित्य अकादमी (हिंदी) महा सम्मान मिलने हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कोरोना
Read Moreभारत देश संस्कृति, भाषाओं, उपनिषद साहित्य से पिरोई ऐसी ख़ूबसूरत माला है जो वैश्विक रूप से अनमोल है इस भारतीय
Read Moreसारांशप्रस्तुत शोध-पत्र ‘काव्य समग्र-गीत’ में अभिव्यक्त आर्थिक आयामों का विश्लेषण करता है । इस अध्ययन का उद्देश्य यह स्पष्ट करना
Read Moreभाषा संचार के लिए एक उपकरण से अधिक है; यह पहचान, संस्कृति, सीखने और सामाजिक संबंध की नींव है। फिर
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