भविष्य का साहित्य और साहित्य का भविष्य
यह ऊपर लिखी बेहद प्रभावशाली लगती परंतु वास्तव बेसिर पैर की पंक्ति है। जिसमें शब्दों का अपव्यय तो है ही
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Read Moreकविता समाज की सामूहिक चेतना की आवाज़ होती है। वह समय का दस्तावेज़ भी है और समय से टकराने का
Read Moreदि टुडे प्रकाशन समूह के संपादक डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय जी का एक निहायत सरल सहज के सामाजिक व्यक्ति हैं।
Read Moreजब कोई भाषा युगों की चेतना को समेटे हुए भविष्य की तकनीक से संवाद करने लगे, तब वह केवल संप्रेषण का
Read Moreभारतीय साहित्य की परंपरा जितनी प्राचीन है, उतनी ही व्यापक और बहुरंगी भी है।यह हजारों वर्षों से वैदिक संस्कृत,लौकिक संस्कृत
Read Moreमहामना पं. मदन मोहन मालवीय एक महान विभूति हैं। सामान्यतया लोग उनको केवल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक के रूप
Read Moreभारत देश संस्कृति, भाषाओं, उपनिषद साहित्य से पिरोई ऐसी ख़ूबसूरत माला है जो वैश्विक रूप से अनमोल है इस भारतीय
Read Moreकिताबें केवल काग़ज़ के पन्नों का ढेर नहीं होतीं। ये मानव के सदियों पुराने अनुभव, ज्ञान, आशाएँ और आँसुओं का
Read Moreवैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का ऐसा उपकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो
Read Moreआज की तेज गति वाली, डिजिटल दुनिया में, उच्च गुणवत्ता वाले बच्चों के साहित्य विकास पत्रिकाओं की आवश्यकता पहले से
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