देवनागरी से डिजिटल मस्तिष्क तक: हिंदी की सभ्यतागत यात्रा
जब कोई भाषा युगों की चेतना को समेटे हुए भविष्य की तकनीक से संवाद करने लगे, तब वह केवल संप्रेषण का
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Read Moreभारतीय साहित्य की परंपरा जितनी प्राचीन है, उतनी ही व्यापक और बहुरंगी भी है।यह हजारों वर्षों से वैदिक संस्कृत,लौकिक संस्कृत
Read Moreमहामना पं. मदन मोहन मालवीय एक महान विभूति हैं। सामान्यतया लोग उनको केवल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक के रूप
Read Moreभारत देश संस्कृति, भाषाओं, उपनिषद साहित्य से पिरोई ऐसी ख़ूबसूरत माला है जो वैश्विक रूप से अनमोल है इस भारतीय
Read Moreकिताबें केवल काग़ज़ के पन्नों का ढेर नहीं होतीं। ये मानव के सदियों पुराने अनुभव, ज्ञान, आशाएँ और आँसुओं का
Read Moreवैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का ऐसा उपकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो
Read Moreआज की तेज गति वाली, डिजिटल दुनिया में, उच्च गुणवत्ता वाले बच्चों के साहित्य विकास पत्रिकाओं की आवश्यकता पहले से
Read Moreपिछले तीन चार दशकों से हाथ से लिखना काफी कम हो गया है। शिक्षा संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में हाथ
Read Moreहिंदी साहित्य को लेकर एक ज्वलंत सवाल आजकल उठ रहा है। उठना स्वाभाविक भी है। उठना चाहिए भी। विश्व की
Read Moreआदि कवि वाल्मीकि से लेकर तुलसीदास जी तक सभी ने रामकथा का विवेचन कियाहै।तुलसीदास राम भक्त थे , और राम
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