सामाजिक

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अपने सामूहिक दायित्वों से दूर होता समाज : टूटता सामाजिक ताना-बाना और बिखरती भागीदारी

भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता सदियों से उसकी सामूहिकता रही है। परिवार, पड़ोस, ग्राम और नगर—हर स्तर पर लोग

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मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय—हक़ या केवल सपना?

भारत का लोकतंत्र विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान रखता है। यह केवल एक राजनीतिक व्यवस्था

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सोशल मीडिया की बनावटी चमक और हमारे मानसिक सुकून का पतन

आज के इस चकाचौंध भरे डिजिटल दौर में इंसान अपनी सच्ची ज़िंदगी जीने के बजाय दूसरों की बनावटी चमक-धमक वाली

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