कुण्डलिनी छंद
हर्षित मन मेरा सभी, करें नमन स्वीकार।बस आशीषों के सिवा, और नहीं दरकार।।और नहीं दरकार, मिले वो जिससे वंचित।जीवन का
Read Moreहर्षित मन मेरा सभी, करें नमन स्वीकार।बस आशीषों के सिवा, और नहीं दरकार।।और नहीं दरकार, मिले वो जिससे वंचित।जीवन का
Read Moreयेसिर्फनिशानलाल नहींरेड क्रॉस कासेवा प्रतीक है। हेदेशभर केनागरिकोंसमझो तुमनैतिकता सेवारेडक्रॉस संदेश। लोआगेआकरसेवाधर्मका पाठ पढ़ो।नित मुस्कान बाँटो। येबसभलाईसेवाभावसिखाता हमेंरेडक्रॉस दिवस।
Read Moreहर उर में तू ही छाया,हर सुर में रहा गाया;ना समझ कोई पाया,जग तेरा रहा साया! हर रूप रहा तेरा,हर
Read Moreहे नाथ सृष्टि में लाकर,तूने था क्यों भरमाया;संग रहके मेरे पल-पल,क्यों ना था गले लगाया! ना दूर रही थी मंज़िल,तू
Read Moreजिमि छोड़िकें नवजात शिशु,जाबत चरन धेनु बिपिन;तिमि काम पर जाबत युवति,आ वत्स कूँ देखन चहति! मन मारि कें जानो पड़त,सोचति
Read Moreबिखरती मानवीय संवेदनाओं और बढ़ती दूरियों के बीच संग्रहालय साझा संस्कृति और इतिहास की सबसे सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं।
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