लघुकथा

अमर की शरारत

  अमर दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था।आमतौर पर इस कक्षा के विद्यार्थी काफी शरारती होते हैं और उसी प्रकार अमर का भी व्यवहार काफी शरारती था। अमर पढ़ने में एवरेज बच्चा था और उसकी कोशिश हमेशा पेपरों से बचने की रहती थी।दसवीं के प्री बोर्ड के एग्जाम चल रहे थे।अमर काफी घबराया हुआ […]

लघुकथा

अमर की शरारत

  अमर दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था।आमतौर पर इस कक्षा के विद्यार्थी काफी शरारती होते हैं और उसी प्रकार अमर का भी व्यवहार काफी शरारती था। अमर पढ़ने में एवरेज बच्चा था और उसकी कोशिश हमेशा पेपरों से बचने की रहती थी।दसवीं के प्री बोर्ड के एग्जाम चल रहे थे।अमर काफी घबराया हुआ […]

लघुकथा

“अवाक”

दो भक्त मंदिर प्रांगण में खड़े थे. पहला कुछ देर तक मंदिर की भव्यता और मूर्ति की सौम्यता को निहारने के बाद बोला, “इसके निर्माण में मैंने रात-दिन एक कर दिये. पिछले दिनों यह नगाड़ा सेट लाया हूं. बिजली से चलने वाला. अरे भाई, आज के जमाने में बजाने की झंझट कौन करे?” फिर स्विच […]

लघुकथा

लघुकथा – भरोसा

पिताजी की आदतों से रोहन बहुत परेशान था । जिसने भी रोहन के पढ़ाई के बारे में पूछा पिताजी का एक ही जवाब होता ‘धीरज धरो महाशय बेटा अफसर ही बनेगा ।’ प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में रोहन तीसरी बार असफल हुआ था । अब तो पिताजी के बातों से भी नफरत हो गई थी।  […]

लघुकथा

समय का फेर

वे अपने दुख का कारण और निवारण जानने उसी ज्योतिषी के भव्य ऑफिस में अपाइंटमेंट लेकर पहुँचे जो कभी उनकी खुशामद कर टाइम लेकर उनसे मिलने आता था। कुछ देर इंतजार के बाद जब उनका नम्बर आया, तब तक उनका चेहरा तमतमाने लगा था फिर भी अपने आप को संयत करते हुए वे ज्योतिषी के […]

लघुकथा

झगड़ालू

“सीमा कोई अच्छी कामवाली बाई तो बता जो घर का पूरा काम कर सके।” “अरे ,अभी तुने छः महीने पहले ही तो उस देवकी को काम पर रखा था और रहने के लिए जगह भी दी थी।” “बहुत ही मक्कार थी वह तो। दिनरात अपने घर-परिवार की बात, बेटे-बहू का रोना और ढ़ंग से काम […]

कहानी

हौसले के पंख (रेडियो कहानी)

कुछ दिन पहले मेरे पतिदेव ने कैटरैक्ट का ऑपरेशन करवाया था. हमें ऑपरेशन करवाने दिल्ली से नोएडा जाना था. कार तो हमारे पास है, लेकिन कार चलाए कौन? मैंने कार चलाना सीखा नहीं, बच्चे अभी इतनी दूर कार चलाने लायक हुए नहीं हैं, केवल पतिदेव ही ड्राइविंग करते हैं. वे ले तो जाएंगे, लेकिन ऑपरेशन […]

लघुकथा

पश्चाताप चक्र

सुबह-सुबह भुविका का फोन आया. उसका सुबकना उसके दर्द की दास्तां कह रहा था. पिता ने सुना तो सन्न रह गए! दामाद जी की इतनी हिम्मत! कि जरा-सी बात पर बेटी को थप्पड़ रसीद कर दिया! कितनी शारीरिक-मानसिक पीड़ा हुई होगी मेरी बेटी भुविका को! उसका दोष भी क्या था! बस सेमीनार पर जाते हुए […]

लघुकथा

लघुकथा : सीधी-सच्ची बात

काँइं – काँइं करती हुई लँगड़ी कुतिया अपना टूटा पैर खींचती हुई बाहर चली गई | काकी ने बड़ी जोर से बेचारी कुतिया की पीठ पर डडोका (लट्ठ) जो मारा था | काकी की ये हरकत आर्यन को कतई अच्छी नहीं लगी | वो रुआँसा सा होकर काकी से बोला – ‘काकी तुम बुरी हो, […]

लघुकथा

लघुकथा – “खरी बात”

“वह देखो शर्मा जी कितने खुश रहते हैं ।” “कितने संतुष्ट रहते हैं ।” ” आनंद से कितने लबालब रहते हैं ।” “पति-पत्नी में आपस में कितना अधिक प्रेम है ।” “उनके बच्चे भी उनकी कितनी अधिक बात मानते हैं ।” “बिलकुल सही है ।” ” हम दोनों उनसे कितने ऊंचे ओहदों पर हैं,हमारे पास […]