Category : कथा साहित्य

  • अधूरी मन्नत

    अधूरी मन्नत

    दमयंती की आँखों के सामने चाहे स्वच्छ अनंत आसमान था, मगर उसके मनस्पटल पर घोर काले बादल उमड़-घुमड़ मचा रहे थे. सहसा बिजली सी कौंधी और बादल बरसने लगे. उसका हाथ बरबस ही भीगे हुए गालों...

  • रिश्ते

    रिश्ते

    कुछ रिश्ते आदर, अपनापन, अनौपचारिकता और आकर्षण के रेशमी धागे इतनी कारीगरी से गुंथे होते हैं कि बिना नाम के ही इसकी खूबसूरती बनी रहती है ! ऐसे ही कुछ रिश्ते से बंधे थे जीनत और...



  • घाटे का सौदा

    घाटे का सौदा

    लाटरी लग गयी थी रानी की । एकदम खरा सौदा । कोई नीच काम भी नहीं था कि उसकी आत्मा उसको कोसती। करना ही क्या था… बस अपनी कोख किराए पर ही तो देनी थी, वो...

  • नदी का पुनर्जन्म

    नदी का पुनर्जन्म

    पुनर्जन्म के अनेक किस्से सुने हैं, पर नदी के पुनर्जन्म के बारे में आज पहली बार सुना. यह पुनर्जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुआ. एक समय सीतापुर में सरायन नदी का प्रवाह हुआ करता था,...


  • बदलते रिश्ते

    बदलते रिश्ते

    बाहर बादल अनवरत बह रहे थे और खिड़की पर बैठी सुमि की आँखें भी उसी तीव्रता से बह रहीं थीं मानो बादलों से होड़ ले रही हों ! याद है उसे आज भी वो दिन, जब...

  • बारह साल की वह लड़की

    बारह साल की वह लड़की

    वह हवेली इतनी बड़ी थी कि पूरा दिन घूमते रहो तब कहीं जाकर पूरी देख सकते हो, हवेली क्या थी पूरा किला था। जिस हिस्से में वे लोग रहते थे वह तो जेल जैसी ऊँची दीवारों...

  • दो बातें

    दो बातें

    “रानी तुझे कितनी बार कहा कि तु ज्यादा समय ऑनलाइन मत रहा कर । लोग इसका अर्थ गलत निकालते है। लोग तेरे लिए कितना कुछ बोल रहे है”।। “मां , तुम जानती हो कि मैं ऑनलाइन...