Category : कथा साहित्य

  • सतरंगी आकांक्षा

    सतरंगी आकांक्षा

    एक दिन सरिता की प्रधानाचार्या का फोन आया. सरिता को प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के लिए निर्वाचित किया गया था. फोन सुनकर सरिता न जाने कितने वर्ष पीछे पहुंच गई. सरिता ने कभी भी मन में...

  • अनुत्तरित प्रश्न

    अनुत्तरित प्रश्न

    स्नेहा और स्निग्धा बचपन में साथ पढ़ी थीं. कई सालों बाद आज वे एक लेखक सेमीनार में मिली थीं. स्नेहा डॉक्टर बन गई थी, स्निग्धा इंजीनियर. लेखन के उन्मुक्त गगन में डिग्रियां कहीं आड़े नहीं आतीं....


  • ठगी

    ठगी

    यूँ तो लगभग सभी पर्यटन स्थलों पर श्वेत मोती , रंगीन मोती की माला , लकड़ी के समान , चाभी रिंग , मूर्ति पत्थरों पर , चावल पर नाम लिखने वालों की एक सी भीड़ होती...

  • समय के अनुसार

    समय के अनुसार

    गुप्ता जी अपने मित्र के प्रश्न की प्रतीक्षा कर रहे थे। वह जानते थे कि एक अर्से के बाद मिले उनके प्रिय मित्र उनके जीवन के नए बदलाव के विषय में जानने को उत्सुक थे। इसी...

  • लघुकथा – उत्सव

    लघुकथा – उत्सव

    ज़मींदार करतार सिंह के बड़े बेटे के लड़का हुआ| सारा परिवार बहुत खुश था| करतार सिंह की तो बात ही अलग थी| घर में लड्डुओ के डिब्बे ला रख दिए| सब बधाई देने वालों को खाली...

  • माफीनामा

    माफीनामा

    सुबह सवेरे ‘गंदा’ गांव के सरपंच लखविंदर राम ने गुरजीत सिंह का दरवाज़ा खटखटाया, तो गुरजीत सिंह हैरान हो गए. पहली बार कोई सरपंच उनके घर आए थे. गुरजीत सिंह ने उनको अंदर बुलाकर आदर से...

  • हँसना मना  है-लघुकथा

    हँसना मना है-लघुकथा

    मेरी पड़ोसिन सरस्वती ने बातों- बातों में आज बताया कि “उसके पति को हँसना पसंद नहीं है” | सुनकर मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ |“ पढ़ा लिखा सॉफ्टवेयर इंजीनियर ,बड़े पद पर कार्यरत है | फिर भी...


  • पीड़ा के प्रकोष्ठ

    पीड़ा के प्रकोष्ठ

    दो कमरों के घर में जन्मी और अब तक दो कमरों के घर में रह रही स्मिता के मन में पीड़ा के कितने प्रकोष्ठ हैं, यह शायद स्मित और स्निग्ध मुस्कान वाली स्मिता खुद भी नहीं...