Category : कथा साहित्य

  • वोह दिन !

    वोह दिन !

    आज पहली दफा किसी ने अकबर से उस की पिछली ज़िंदगी के बारे में पूछा था। अकबर अब 80 साल का बज़ुर्ग हो चुक्का था। बाबा जी, मैं पाकिस्तान के उस इतहास को जानना चाहता हूँ...

  • आत्मविश्वास

    आत्मविश्वास

    आज सात्त्विका बहुत ही खुश थी. उसके चित्र को प्रथम पुरस्कार से जो नवाजा गया था. उसे भानजे ऋत्विक के साथ हुई गुफ़्तगू याद आ रही थी. ”मौसी जी, आप तो ऑस्ट्रेलिया से अभी आने वाली...

  • कहानी – कलाकार

    कहानी – कलाकार

    वह अब हर रोज बगै़र कोई नागा किए आ रहा है। खुले मैदान में जहां से लोग उसके सामने से गुजरते,वहां पर वह अपना छोटा सा स्टूल रखता, एक स्टूल ठीक अपने सामने कोई 4-5 फुट...


  • कन्या पूजन

    कन्या पूजन

    नवरात्रि समाप्त हुई और उस दिन कन्या पूजन था । नगर के विख्यात व्यवसायी धरमदास जी ने शहर के गरीब मोहल्ले से १०० से अधिक कन्याओं के कन्यापूजन के लिए एक बड़े पंडाल का प्रबंध किया...

  • हौसला बुलंदी

    हौसला बुलंदी

    गजनवी के 17 हमले झेलकर भी खड़ा है सोमनाथ मंदिर. यह सोमनाथ मंदिर की हौसला बुलंदी है. ‘चुनाव वीर’ चायवाले का 22 बार शिकस्त झेलने के बावजूद ‘चायवाले’ का नहीं टूटा हौसला. वे फिर मध्य प्रदेश...



  • मर्दानगी

    मर्दानगी

    “हेलो.. अनीता.. जब से तुम मायके गई हो तब से मैं यहां परेशान हूं। तुम तो वहां सब के संग बहुत खुश हो न? तुम्हें क्या फर्क पड़ता है मैं परेशान हूं कि नहीं।” चिढ़ते हुए...