Category : कथा साहित्य

  • आप सुन रहें है विविध भारती

    आप सुन रहें है विविध भारती

      प्रभुनाथ बाबू गांव के जमींदार है, घर में सुख-सुविधा की रत्तीभर कमीं नहीं है। दू मंजिला कोठी, एगो चार चक्का, गांव-जवार में जब न्योता हकारी में बुलावा होता है तो ड्राईवर ललनमा के बगल में...

  • “चौपाली चर्चा”

    “चौपाली चर्चा”

    झिनकू भैया की चौपाली चरचा में तरह तरह के विषय उठा करते हैं और जमकर चर्चा भी होती है, वक्ता और श्रोता अपनी मर्जी से दो खेमों में विभक्त हो जाते हैं और विषय विषयांतर होकर...

  • लघुकथा : सुरक्षा

    लघुकथा : सुरक्षा

    उसे बाइक चलने का तो शौक था, पर हेलमेट लगाकर जाना बिलकुल पसंद नहीं था. आज भी वह बिना हेलमेट लगाये बाइक लेकर घर से निकला. हालाँकि पत्नी ने टोका भी कि अपनी सुरक्षा के लिए...

  • लघु कथा : भूख

    लघु कथा : भूख

    ‘बाबू जी बच्चा सुबह से भूखा है। दूध के लिए दस रुपया दे दो।’ एक दुबले पतले बच्चे को गोद मे लिए उस मैली कुचैली औरत ने कहा। ‘नहीं मैं रुपया तो नहीं दूँगा। तुम चाहो...



  • मेरी मासी यात्रा

    मेरी मासी यात्रा

    कल रविवार को मैने परीक्षा देने के लिए जाना था, मेरा सेन्टर अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे विकासखण्ड में गैरखेत नामक स्थान पर पड़ा था। दूर होने के कारण मैंने शानिवार की रात को ही निकलना उचित...

  • सन्यास

    सन्यास

    वह पगडंडियों के सहारे चला जा रहा था। गुस्से से काँपता उसका शरीर कभी इधर कदम रखता था तो कभी उधर। उसे खुद होश नहीं था कि आखिर वो जा कहाँ रहा है। इतना तो पता...

  • लघुकथा : सज़ा !

    लघुकथा : सज़ा !

    मीनू सुबह ही जल्दी सारे काम निपटा रही थी। ममी ने फोन पर घर आने को कहा था, सासु मां गुस्सा न करें इसिलिए सारे काम निपटा कर ही जाना चाहती थी। मायके में कुछ परेशानी...

  • लघुकथा : खुशी भरा पौधा

    लघुकथा : खुशी भरा पौधा

    रीमा अपने कुत्ते साथ घूमने जा रही थी| रीमा ने देखा कि धडाधड पेड़ काट ढेर लगा हुआ था | ये दृश्य देख मन बहुत दुखी हुआ | रीमा ने बूट सुईट में मोटी तोंद वाले अफसर को पूछा ,”ये आपने सो के करीब पेड़ काट...