कहानी

अनकहा प्यार

कुछ खोजती आँखे, बात करने का अलग ही अंदाज – जाने कब तुम से प्यार हो गया, खुद मुझको ही पता न चला । अहसास तो शायद तुमको भी था, पर शायद तुम्हारे लिए दोनों की उम्र में दस वर्ष का फासला ही सबसे बड़ी दीवार था । बड़े भैया के दोस्त थे तुम और […]

लघुकथा

पहल अपनों की

कालिमा बढ़ती जा रही थी महामारी और कर्फ्यु ने लोंगों में निराशा हावी हो रही थी वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग रात दिन लगा था मगर ये प्रयास भी कम पड़ते लग रहे थे इधर लाकडाऊन को लागू करने में खुद लोंगों ने ही पुलिस के नाकों चने चबवाने की ठान रखी थी जैसे । […]

लघुकथा

उतरता रंग

उस मिश्रित आबादी वाले मौहल्ले में किसी संस्था द्धारा महिला सभा आयोजित हुई। सभा में अमीर-गरीब सभी महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। सभा शुरू होने से पहले एक अमीर महिला ने दिवाली के दिन महंगा बड़ा टीवी ख़रीदने की बात मौजूद महिलाओं को बताई। सभी ने उसकी बात सुनी, बधाई दी और मिठाई खिलाने […]

लघुकथा

हम किसी से कम नहीं!

”सबकी चिंता यही है, कि 21 दिन के लॉकडाउन में हम क्या करेंगे?” नाहरू खान ने खुद से कहा. ”हम क्या करेंगे? क्या हम किसी से कम हैं!” उसने अपने आत्मबल को जगाने के लिए खुद को चुनौती दी. यह चुनौती सिर्फ नाहर खान के सामने नहीं है, सारे देश, बल्कि सारी दुनिया के सामने […]

लघुकथा

इंसानों का मुल्क

  ” अरे भाईसाहब ! क्या हुआ ? ये अचानक कहाँ जाने की तैयारी है ? ” ” क्या बताऊँ भाईसाहब ! चार साल हो गए इस मुल्क की आबोहवा में साँस लेते हुए । इस मुल्क की माटी से हमें प्यार हो गया है , लेकिन लगता है अब हमें जाना ही होगा यहाँ […]

कहानी

कहानी-लापरवाही एक अभिशाप 

अखिल और जीवेश बचपन के मित्र थे। पर आदतों में दोनों एक दूसरे के विपरीत। जीवेश बहुत ही अनुशासित और समय पर काम करने वाला था तो अखिल हर बात को हवा में उड़ाने वाला बेहद लापरवाह किस्म का था। स्कूल में अध्यापक अखिल को समझाते समय जीवेश का उदाहरण देते थे। जीवेश भी उसे […]

लघुकथा

लॉकडाउन

रसोई का सारा काम निपटा कर रिद्धिमा अपने पति और पांच वर्षीय बेटी रूही के साथ कैरम खेलने लगी। सामने टीवी पर कोरोनावायरस से संबंधित न्यूज चल रही थी। दिनों दिन बढते कोरोना पाज़िटिव केस से व्यथित होकर रिद्धिमा के मुंह से निकल गया- न जाने कब ये कोरोना खतम होगा और और कब यह […]

कहानी

शक्ति की विजय

वैभवी मेरे बचपन की सहेली। दोनों ने साथ ही पढाई पूरी की और एक ही दफ्तर में नौकरी भी मिल गई। दोनों में इतनी गहरी दोस्ती हो गई थी कि एक दूसरे के लिए सगी बहनों से भी बढ़कर थी। वैभवी की शादी के बाद उसे नौकरी छोड़नी पड़ी और हमारा साथ भी छूट गया। […]

लघुकथा

लघुकथा – सच्चा झूठ

                       आत्माराम अपने बेटे आलोक और पत्नी शांति के साथ लड़किवालों के घर पहुंचे। सभी ने लड़की देखी। बारी – बारी उससे कुछ सवाल पूछकर संतुष्ट हुए। लड़की की मां ने अपनी बेटी खुशबू का गुणगान गाते हुए कहा, “ मेरी बेटी दसवीं पास है। […]

कहानी

जैसी करनी वैसी भरनी

कैलाश पर्वत पर विराजमान महादेव जी से एक दिन माता पार्वती जी बोलीं ,” हे नाथ ! माता आदिशक्ति की अनुकंपा से आप त्रिदेवों ने इस ब्रम्हांड और तत्पश्चात भूलोक की संरचना की जिसे नदियों , पहाड़ों , वनों और उनमें विचरण करते तरह तरह के जीव जंतुओं से आबाद किया ! लेकिन ये मनुष्य […]