Category : कथा साहित्य

  • देशभक्त नहीं हो सकते!

    देशभक्त नहीं हो सकते!

    रात दिन राष्ट्रीय के विरोध में खड़े लोग देशभक्त नहीं हो सकते! वो राष्ट्रीय में पल रहे शत्रु हैं, जो बाहरी शत्रुओं से भी ज्यादा घातक हैं! इनका शर्वनाश करना अति आवश्यक है नहीं तो ये...


  • परम्परा

    परम्परा

    ‘‘देखिए चाचा जी, आप ही समझाइए न बाबू जी को। हर रोज़ कामना से किसी न किसी बात पर ठान लेते हैं और निपटना मुझे पड़ता है। दफ्तर से लौटते ही उसका रोना झेला नहीं जाता।’’ ‘‘बेटा, कामना...

  • लघुकथा – अकेली औरत

    लघुकथा – अकेली औरत

    धनदेबी क्षोभ की प्रतिमा बनी एक औरत पेड़ के नीचे लाठी पकड़ी चुपचाप बैठी थी| अनजान दो आंखे उसे कुछ दूरी पर खडी उसे देख रही थी | वो अजनबी को अपने निकट आते देख कर...

  • उमा का जवाब

    उमा का जवाब

    उमा के पति रमेश ने अपने बड़े बेटे को फोन किया और कहा – गीता दीदी की डिलीवरी आने वाली ही है। तू फटाफट अस्पताल में आ जा। यकायक रमेश ने गीता के ससुराल वालों को...

  • प्रेम कहानी

    आधी रात में लड़का चुपके से call करता। लड़की हर रात ज़िद करती कि “मुझे मरीन ड्राइव घूमना है!” लड़का सुनता और मना न कर पाता। लड़का बोलता कि “दस मिनट मे घर के बाहर आरहें...



  • मूर्ति !

    मूर्ति !

    आज दीनदयाल अपने साथ अपने पोते को भी ले गया था विधालय में आज छुट्टी थी । रंग बिरंगी मूर्तियां बनाने का काम ज़ोरो पर था, सेठ ने दुकान के पीछे थोड़ी सी जगह दे रखी...

  • जिंदगी खवाब है.

    जिंदगी खवाब है.

    आरजू संयुक्त परिवार में पलकर बड़ी हुई ,उसे सबका खूब प्रेम मिला था| आज विवाह के बाद भी हंसते-खेलते परिवार की तमन्ना लेकर आई थी| आरजू स्वाभाव की भली, हंसमुख और सबसे मिलनसार रहती | सब...