Category : कथा साहित्य

  • जिंदगी के रंग कई रे

    जिंदगी के रंग कई रे

    घर परिवार में शादी का माहौल है। सब सजने सवँरने  में  उत्साह से जुटे हुए है। ममता व्यस्त होने का नाटक करती इधर-उधर में लगी हुई है  क्योंकि सजना सँवरना  उसकी किस्मत में नहीं, उसकी जिंदगी...

  • आज का पंडित

    आज का पंडित

    ऋग्वेद के अनुसार आदिकालीन मानव के मुँह से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, जाँघों से वैश्य और पैरों से शूद्र की उत्पत्ति हुई । पुराण कहते हैं की वर्ण व्यवस्था त्रेता युग में नहीं थी परंतु द्वापर...

  • बेकार की चीज

    बेकार की चीज

    रामू एक किसान था । अब वृद्ध हो चला था सो उसके तीनों बेटे ही अब खेती बारी का काम देखते थे । खेती के अलावा उसके घर पर कई भैंसें गायें और बैल भी थे...

  • चरित्रहीन

    चरित्रहीन

    सक्सेना साहब आज बहुत खुश थे। उनके परम मित्र ने उन्हें एक महिला का पता व फ़ोन नंबर दिया था जिससे वो जब चाहे मिल सकते थे और कुछ पैसे देकर मनचाही सन्तुष्टि कर सकते थे।...

  • ख़ुशी का अनुभव

    ख़ुशी का अनुभव

    स्कूल में भोजन के लिए मध्यान्ह अवकाश का समय था । अन्य सभी बच्चों की तरह दीपू भी अपनी टिफिन लेकर भोजन करने बैठा था । टिफिन खोलते ही उसकी नजर स्कूल ग्राउंड के बाहर बैठी...

  • एक और एक ग्यारह

    एक और एक ग्यारह

    एक बडे अस्पताल के प्रतिक्षालय में दो औरतें बैठी थी । दोनों ने बातचीत शुरू करने के उद्देश्य से यहाँ आने का कारण पूछा तो पता चला कि नयना जो कि विधवा है उसका बेटा कैंसर...

  • झाँसा

    झाँसा

    बिरजू आज मजदुरी करके रोज से कुछ पहले ही घर की ओर लौट रहा था । बाजार से बाहर निकला ही था कि श्यामू ने उसे आवाज लगायी ” बिरजू ! अरे सुन तो ! आज...

  • लघुकथा – वोट

    लघुकथा – वोट

    शहर से गांव के रास्ते में कुछ जंगली बेर के पेड़ थे । पके मीठे बेर राहगीर चाव से खाते पेड़ की छांव में सुस्ताते और आगे बढ़ जाते । सालों से ये क्रम चल रहा...

  • लघुकथा – मूरख की मजार

    लघुकथा – मूरख की मजार

    आज फिर जब रामनवमी का जूलूस शंकर चौक की संकरी गलियों से निकला तो मजार पर राम लक्ष्मण नेे रथ से उतर कर मत्था टेका । चौक एरिया में थोड़ी देर झंडा झुका लिया गया था...

  • निर्णय

    निर्णय

    पंडित जी अत्यधिक परेशान, अशांत मन की शांति हेतु घर में बने मंदिर में रामायण लेकर बैठ गए । दिल और दिमाग में आशंकाओं का अथाह सागर हिलोरें ले रहा था क्योंकि इकलौते बेटे ने पडौसी...