Category : कथा साहित्य

  • लघुकथा – प्रेम का आगोश

    लघुकथा – प्रेम का आगोश

    दिन भर की भागदौड , बच्चों के नखरे ,पति की शिकायतों, सास के उलाहने में ही सारा दिन निकल जाता। इन सबमें उसकी मानसिक हालत कमजोर हो जाती, मन करता सब छोड भाग जाये। रोज की तरह आज...

  • लघुकथा – इन्तजार

    लघुकथा – इन्तजार

    कुम्भ के मेले में बिछड़ एक बुढिया सीढियों पर बैठी अपने परिवार का इन्तजार कर रही थी| तभी एक सज्जन की नज़र उस पर पड़ी और पूछा, “माताजी, अब कोई नहीं आएगा, तुम्हारा परिवार तुम्हें छोड़...

  • जागरुकता

    जागरुकता

    जागरुकता का प्रचार-प्रसार करने के लिए लोग अनेक जतन करते हैं. क्यों न करें? जागरुकता देश-समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक जो है. फिर जिसका नाम ही किरण हो, उसका तो काम ही है जागरुक...


  • खोखलापन

    खोखलापन

    देखते-ही-देखते बीच बाजार आगरा की एक इमारत अचानक भरभराकर धराशायी हो गई. पहली बार में यह समझना मुश्किल है कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन जब वजह सामने आई तो लोगों के होश उड़ गए. दरअसल, कई...

  • बेबस

    बेबस

    आज एक समाचार पढ़ा- ‘नाले में गिरा युवक मदद मांगता रहा, लोग विडियो बनाते रहे और वह मर गया’ इंसानियत को ही कठघरे में खड़ा कर देने वाले इस समाचार ने मुझे 1960 में पहुंचा दिया....

  • उम्मीद का दामन

    उम्मीद का दामन

    उम्मीद करना एक जगे हुए व्यक्ति के सपने देखने के समान है. साइना नेहवाल ने एक जगे हुए व्यक्ति के समान ही सपना देखा था. इसी सपने को लेकर वह ओलिंपिक 2016 में पदक की उम्मीद लेकर...

  • ध्यानी बाबा

    ध्यानी बाबा

    इधर कुछ दिनों से राम जानकी का छोटा सा मंदिर भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना था। मंदिर में कहीं से एक बंदर आ गया था जो चौबीसों घंटे मंदिर की चौखट पर बैठा रहता था।...

  • मेरी पत्नी की शादी

    मेरी पत्नी की शादी

    वैसे तो मैं अपनी पत्नी की शादी के बारे में सब कुछ भूलना चाहता हूं, पर आज मैंने एक चुटकुला पढ़ा और मुझे सब कुछ सिलसिलेवार याद आ गया. पहले वह चुटकुला सुनिए- प्रेमी: डार्लिंग मैं...

  • लघुकथा – फैंसी ड्रैस

    लघुकथा – फैंसी ड्रैस

    सलाना समारोह बाद कालिज में फैंसी ड्रैस प्रोग्राम होना था| रीना और सुरिंदर दोनों अपनी टूयूटर के पास नाम लिखवाने गयीं| टूयूटर बोली, “पहले आना था अब प्रतियोगी गिनती पूरी हो गई है|” दोनों ने बहुत...