Category : कथा साहित्य

  • सुख की वर्षा

    सुख की वर्षा

    बात लगभग 50 साल पहले की है। मैं छोटी-सी बच्ची थी। मेरी एक सहेली ने हारमोनियम सीखने का मन बनाया। उसने मुझसे भी हारमोनियम सीखने में साथ देने का आग्रह किया। सिखाने वाली एक बुज़ुर्ग अध्यापिका...

  • संस्मरण : जयमाला

    संस्मरण : जयमाला

    बात उन दिनों की है जब मैं कालेज में पढ़ती थी ! हम आठ लोगों का एक बढ़िया सा ग्रुप था ! वैसे तो हम सब ही बहुत अच्छे थे, पर हमारी एक फ्रेंड “निशा” हमेशा...

  • गृहिणी – गृहस्थी

    गृहिणी – गृहस्थी

    गृहिणि – गृहस्थी आत्माराम का नागपुर शहर के जरीपट्‌का में मकान और सीताबर्डी इलाके में दुकान है। इकलौती संतान आलोक की शादी धूम – धाम से की। शादी की सुव्यवस्था से सभी रिश्तेदार, परीचित और पड़ौसी...

  • उन दिनों की बात

    उन दिनों की बात

    साथियों ! नमस्कार ! नेहा जी के अनुरोध पर विचार करते हुए यह तय किया कि कुछ मैं भी लिख दूँ । हालाँकि यह दिए गए विषय से कोसों दूर है लेकिन फिर भी लिखने का...

  • बड़ी बात

    बड़ी बात

    नन्ही-सी समृद्धि ने प्रगति मैदान के मेले के एक पवेलियन में प्लास्टिक से बनी चूड़ियां, गुड़िया, खिलौने आदि देखे. जिज्ञासावश उसने पवेलियन में काउंटर पर खड़ी एक दीदी से पूछा- ”दीदी, मैंने तो कपड़े से बने...

  • उम्मीद

    उम्मीद

    चौराहे पर भीख माँगते 8-10 साल के उस बच्चे को देख अनायास ही पूछ बैठी  वो – भीख क्यों मांग रहे हो स्कूल क्यों नही जाते? आप पढ़ायेगी मुझे ऑन्टी ? आशा के विपरीत उम्मीद से...

  • परफेक्शन

    परफेक्शन

    रोहन ऑफिस चले गए थे रोली सोच रही थी कि चाय बनाकर आराम से पीने की लेकिन मधुर की आ$आआ की आवाज सुनाई दी। चाय का विचार छोड़ आठ वर्षीय मधुर को सुबह की दिनचर्या से...

  • दहलीज

    दहलीज

    मैं आराम से एक कुशन गोदी में रखे हुए, मम्मी जी को मशीन पर काम करते हुए देख रही थी। चश्में के अंदर से झांकती दो अनुभवी आंखें, बड़े ही मनोयोग से एकदम सीधा टांका लेती...

  • एड्स रोग से राहत

    एड्स रोग से राहत

    वर्ल्ड एड्स डे रविवार 1 दिसंबर को मंजुला का मैसेज आया- ”दीदी, आपका बताया नुस्खा आजमाकर मुझे बहुत लाभ हुआ. पाचन क्रिया को पूर्णतः मजबूत बनाने के लिए मैंने रोज लंच से पहले एक लौंग खाना...

  • स्त्री-मन

    स्त्री-मन

    सिद्धान्त और भावना कॉलेज की कैंटीन में घंटों से बैठे हुए थे लेकिन उनकी अभी तक एक कॉफ़ी खत्म नहीं हुई थी । दोनों घंटों से एक दूसरे की आँखों में डूब कर उस रस का...